09 August 2022 05:10 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। महापौर व नगर निगम आयुक्त के बीच चल रही महाभारत का 6 दिन बाद नतीजा आ गया है। संभागीय आयुक्त नीरज के पवन व कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल के साथ भाजपाईयों की वार्ता के बाद धरना हटा लिया गया है। कमिश्नर ने महापौर की शर्त मान ली है। हालांकि गोपालराम बिरदा को सीधे तौर पर नगर निगम आयुक्त के पदभार से हटाने की बजाय उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया है। वहीं अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ए एच गौरी को निगम आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बताया जा रहा है कि जिन मामलों में महापौर ने निगम आयुक्त पर आरोप लगाए थे, उन मामलों की जांच होगी। इसके बाद अगला निर्णय होगा। भाजपाईयों का दावा है कि ये छुट्टी गोपालराम की निगम आयुक्त के पद से छुट्टी करने का प्रथम सोपान है।
बता दें कि महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित व नगर निगम आयुक्त गोपालराम बिरदा के बीच तनातनी चल रही थी। महापौर ने आयुक्त पर नियमों के खिलाफ जाकर कार्य करने व जनप्रतिनिधि के अधिकारों का हनन करने के आरोप लगाए था। आरोप है कि निगम आयुक्त बिरदा ने गलत तरीके से ट्रेक्टर से जुड़ा पांच करोड़ रूपए का टेंडर पास कर दिया। वहीं नियमानुसार पांच सौ रूपए में पट्टे देने की बजाय पट्टा आवेदकों पर दो दो लाख रूपए की डिमांड निकाल दी। महापौर की सहमति के बिना दो बार पार्षदों की बैठकें भी बुलाई गई। महापौर ने इसके अतिरिक्त भी कई सारे आरोप लगाए हैं। उल्लेखनीय है कि बिरदा पर बिना नोटिस अतिक्रमण तोड़ने व हाईकोर्ट के स्टे की अवमानना के भी आरोप है।
इन्हीं सब विवादों के बाद महापौर 6 दिन से पार्षदों व भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर थीं। महापौर ने निगम आयुक्त को हटाने की मांग की थी। देखें वीडियो
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