25 January 2026 11:26 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर।(पत्रकार रोशन बाफना की रिपोर्ट) 26 जनवरी 2026 को हम 77 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। इन 77 वर्षों में भारत खूब बदला, भारत ने खूब तरक्की की। मलाल है तो बस इतना कि हम अब तक सफाई के मामले में कुछ ख़ास तरक्की नहीं कर पाए। स्वच्छ भारत अभियान भी बस फोटोबाजी और खानापूर्ति से बढ़कर कुछ नहीं है। भारत का अधिकतर हिस्सा आज भी सफाई के मामले में पिछड़ा हुआ है। यहां सिविक सेंस जैसे जीरो है।
सफाई में पिछड़ेपन की बात करें तो बीकानेर इसका एक बड़ा उदाहरण है। बीकानेर की सड़कें, गलियां, चौक, चौराहे देखते ही यह आरोप सही साबित होगा। उस पर भी बीकानेर का पीबीएम अस्पताल साफ सफाई में पिछड़ेपन का केंद्र माना जाता है।
राजस्थान, हरियाणा व पंजाब की उम्मीद बीकानेर संभाग के इस सबसे बड़े अस्पताल में सफाई व्यवस्था को लेकर कोई अनुशासन ही नहीं है। अनुशासन होता तो सिस्टम से जुड़े लोग भी सुनते और जनता भी अनुशासनहीनता नहीं करती। मगर यहां तो हालात यह है कि जनता हर जगह थूकने व कचरा फैलाने में कमी नहीं छोड़ती तो सिस्टम कामचोरी में कमी नहीं छोड़ता। यही जनता बड़े शहरों के प्राइवेट अस्पतालों में जाते ही अनुशासित हो जाती है।
पीबीएम अधीक्षक से लेकर सिस्टम से जुड़े किसी भी व्यक्ति को पीबीएम के सुधार में ख़ास दिलचस्पी नहीं दिखती। वहीं बीकानेर प्रशासन की तो बात ही अलग है। अगर वह बीकानेर के प्रति सद्भाव रखता तो बीकानेर की यह दुर्दशा ना होती।
बहरहाल, एफ वार्ड के पास वाले टॉयलेट का यह वीडियो चीख चीख पीबीएम के सिस्टम की काली हकीकत बयां कर रहा है। यह बदबू व संक्रमण की गंदी और शर्मनाक है। तस्वीर इस वीडियो को देखकर भी अगर सफाई दी जाए या एक्शन ना लिया जाए तो फिर नये सवाल खड़े होंगे।
अब देखना यह है कि यह वीडियो देखकर पीबीएम के सिस्टम की आत्मा जागती है या नहीं! देखें वीडियो
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