14 February 2026 10:00 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। कोलायत थाना क्षेत्र स्थित दुकान में आग लगाकर हत्या के प्रयास से जुड़े मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही असली राज उजागर हो गया है। आग लगाने का आरोपी कोई और नहीं बल्कि खून का रिश्तेदार ही निकला। आरोपी की पहचान जानासर भाणे का गांव, हदां थाना क्षेत्र निवासी 26 वर्षीय सहीराम पुत्र पूनमराम जाट के रूप में हुई है।
ये थी घटना: 9 फरवरी की रात लूणाराम पुत्र रुघनाथ राम जाट की एन एच 11 दियातरा स्थित दुकान में अज्ञात व्यक्ति ने आग लगा दी। यहां लूणाराम की पंक्चर व एसेसरीज की दुकान है। आधी दुकान झोंपड़ीनुमा छप्पर वाली भी है। घटना के वक्त लूणाराम अंदर ही सो रहा था। परिवादी ने खेत पड़ौसी सरकारी शिक्षक राधाकिशन व सूरजाराम पर हत्या के प्रयास व आगजनी का मुकदमा दर्ज करवाया था। थानाधिकारी जसवीर कुमार ने मामले की जांच एएसआई रोहिताश भारी को दी।
जांच में खुला राज, असली आरोपी आया सामने: एएसआई रोहिताश भारी ने मामले की जांच शुरू की तो नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत ही नहीं मिला। जांच करने पर पता चला कि नामजद आरोपी राधाकिशन व सूरजाराम ने आग नहीं लगाई है बल्कि आग लगाने वाला सहीराम नाम का युवक है। सहीराम कोई और नहीं बल्कि परिवादी का रिश्ते में चचेरा भाई है। उसने रंजिशवश लूणाराम को मज़ा चखाने के लिए उसकी दुकान में आग लगा दी। हालांकि हत्या की साज़िश जैसी कोई बात साबित नहीं हुई है।
-शिक्षकों व मूल आरोपी, दोनों से ही है लूणाराम की रंजिश: दरअसल, नामजद आरोपी राधाकिशन व सूरजाराम से लूणाराम का विवाद चल रहा है। लूणाराम विद्युत लाइन जहां से निकाल रहा था, उस हिस्से पर दोनों शिक्षकों ने दावा कर दिया। शिक्षकों ने लूणाराम को पैमाइश होने तक विद्युत लाइन ना डालने को कह दिया था। ऐसे में लूणाराम को लगा कि शिक्षकों ने बदला लेने के लिए उसकी दुकान में आग लगाई ।
वहीं वारदात को अंजाम देने वाले सहीराम से भी लूणाराम का विवाद है। सहीराम इसी परिवार की वीर तेजा होटल में काम करता है। एक ही परिवार के सदस्य होने से साथ ही रहते हैं। लूणाराम नशा करने के बाद सहीराम को मारने की धमकियां देता था। इसी वजह से सहीराम परेशान व भयभीत था। उसने लूणाराम को मज़ा चखाने के उद्देश्य से उसकी झोंपड़ेनुमा दुकान में आग लगा दी।आग लगाने के लिए केवल माचिस की तिल्ली का इस्तेमाल किया। तिल्ली जलाकर झोंपड़े की खींप में आग लगा दी।
-आग लगाने के बाद बुझाने का किया नाटक: एएसआई रोहिताश भारी के अनुसार आरोपी आग लगाने के बाद फरार नहीं हुआ। उल्टा आग बुझाने वाली भीड़ में भी शामिल हुआ। पुलिस अनुसंधान में पता चला कि लूणाराम उसे धमकियां दिया करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सहीराम का पीछा किया गया। शक गहरा होने पर उससे पूछताछ की गई, पूछताछ में आरोपी ने आग लगाने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर लिया है। अब पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी।
उल्लेखनीय है कि आईजी हेमंत शर्मा व एसपी कावेंद्र सिंह सागर के निर्देशन, एएसपी ग्रामीण बनवारी लाल मीणा व सीओ संग्राम सिंह के सुपरविजन व थानाधिकारी जसवीर कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम देने वाली एएसआई रोहिताश भारी मय टीम में कांस्टेबल दिपेंद्र 1734, कांस्टेबल अनिल 1209 व कांस्टेबल जितेंद्र 1324 शामिल थे। एएसआई रोहिताश व कांस्टेबल दीपेंद्र का विशेष योगदान रहा।
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