09 May 2026 02:22 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। (पत्रकार रोशन बाफना की विशेष रिपोर्ट) अतिक्रमण और जमीन कब्जा करने के मामले में बीकानेर काफी आगे निकल चुका है। यहां अगर आपकी जमीन बिना बाउंड्री के पड़ी है और आप निरंतर उसकी देखरेख नहीं कर रहे हैं तो कभी भी आपकी जमीन पर कब्जा हो सकता है। अरे! आपकी तो छोड़िए सरकारी व रास्तों की भूमि भी कब्जा माफियाओं से बच नहीं पाती। फिलहाल हम बात सड़कों, चौक-चौराहों व सरकारी जमीनों की कर रहे हैं। बीकानेर शहर के चारों तरफ हर कुछ दूरी पर आपको सड़क पर अतिक्रमण की शक्ल में कब्जा मिल जाएगा।
उपनगर गंगाशहर की एक नामी स्कूल ने भी इसी तरह कब्जे का कीर्तिमान रच रखा है। गंगाशहर की बालबाड़ी स्कूल ने चौक पर ही कब्जा कर रखा है। यह स्कूल पेट्रोल पंप के पास नोखा रोड़ पर स्थित है।
-चौक के एक हिस्से पर वर्षों से कब्जा: बालवाड़ी स्कूल ने कई वर्षों से चौक के एक हिस्से पर कब्जा कर रखा है। जबकि चौक किसी की निजी संपत्ति नहीं हो सकता है। यह शुद्ध रूप से सरकारी भूमि होती है। बालबाड़ी स्कूल ने इस चौक के एक हिस्से में झूले व वृक्ष लगा रखे हैं। वृक्षों व ईंटों से बाउंड्री कर रखी है। इसे निजी पार्किंग हेतु भी उपयोग में लिया जा रहा है। कुलमिलाकर इस सरकारी जमीन का पूर्ण रूप से निजी उपयोग किया जा रहा है।
-अब तो दरवाजा भी लगा लिया: स्कूल द्वारा धीरे धीरे कब्जे को और अधिक पक्का किया जा रहा है। कुछ समय पहले यहां एक बड़ा दरवाजा भी लगा दिया गया। लोगों ने सोचा कब्जा हटेगा, लेकिन यहां तो उल्टा कब्जा पक्का किया जा रहा है।
इतना ही नहीं, चौक पर बने दरवाजे के पास स्कूल की इमारत देखें तो पता लगता है कि चौक पर कुछ निर्माण भी करवाया गया है। यह सब वर्षों से चल रहा है।
-ऊंची पहुंच का फायदा उठाने की बात: आसपास के निवासियों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन की पहुंच ऊपर तक है। ताकतवर प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क है, इस वजह से खुल्लमखुल्ला कब्जा कर रखा है। आरोप है कि प्रशासन स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत ही नहीं कर सकता। तभी तो वर्षों से कब्जा कायम है। बताया जा रहा है कि कब्जे की यह कहानी नगर निगम को भी पता है। यहां तक नेताओं को भी कब्जे की जानकारी है।
-स्कूल ही जब करेगा कब्जा तो क्या सीखेंगे बच्चे: बता दें कि एक समय में बालबाड़ी स्कूल काफी प्रसिद्ध थी। अनुशासन के मामले में भी काफी नाम था। यहां पढ़ने वाले बच्चों में स्कूल स्टाफ का भारी खौफ़ रहता था। अब सवाल यह है कि अति अनुशासन की बात करने वाली स्कूल ही जब चौक की जमीन पर कब्जा कर रही है तो इसे क्या कहेंगे? कम से कम शिक्षा के मंदिर को तो इस तरह की गैर कानूनी गतिविधियां नहीं करनी चाहिए।
अब देखना यह है कि बीकानेर प्रशासन बालबाड़ी स्कूल से इस चौक को कब्जा मुक्त करवाकर स्कूल पर नियमानुसार कार्रवाई करता है या ग़लत देखकर चुप रहता है। इस मामले में बीकानेर प्रशासन का इतिहास चुप रहने का रहा है। देखें कैसे बालबाड़ी स्कूल ने कर रखा है कब्जा, देखें वीडियो
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