23 May 2026 05:44 PM


ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर के जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र के शिवबाड़ी में कार को आग के हवाले कर सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी देने के प्रकरण में पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जयपुर जाने वाले थे, उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इनमें चार युवक आग लगाने वाले व एक युवक फरार होने में सहयोग करने वाला बताया जा रहा है। आरोपियों की पहचान गोगामेड़ी के पास, पेमासर रोड़, बीकानेर निवासी 25 वर्षीय हरिसिंह उर्फ जेठूसिंह पुत्र गोविंद सिंह राजपूत, सोनी मार्केट के पास, पेमासर रोड़, उदासर निवासी 23 वर्षीय श्रीराम उपाध्याय पुत्र राजकुमार उपाध्याय, हनुमान हत्था, नायकों का मोहल्ला हाल पंचारिया कॉलोनी, उदासर निवासी 24 वर्षीय ललित नायक पुत्र ओमप्रकाश नायक व आरके जनरल स्टोर के पास, इंद्रा कॉलोनी, बीछवाल थाना क्षेत्र निवासी 28 वर्षीय नारायण सिंह उर्फ अजय सिंह पुत्र रतन सिंह राजपूत के रूप में हुई है। इसके अतिरिक्त नहर पुलिया के पास, उदासर निवासी 23 वर्षीय समीर पन्नु पुत्र हरीश पन्नु को भी पकड़ा गया है। समीर आरोपियों के साथ मिला। उसकी भूमिका की जांच चल रही है।


ये था प्रकरण: आरोपियों ने गुरुवार देर रात शिवबाड़ी निवासी पोखरराम खटोड़ की कार को आग के हवाले कर दिया। हादसे के वक्त स्विफ्ट कार घर के आगे खड़ी थी। बदमाश आए, पहले कार के पीछे का शीशा तोड़ा, फिर बोतल में भरा पेट्रोल डालकर आग लगा दी। वारदात का वीडियो भी बनाया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग गये। कार पूरी तरह जल गई। लेकिन बदमाशों का मन यहीं नहीं भरा। आरोपियों ने वारदात के वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "मोनू ग्रुप: ये ट्रेलर है। ये दूसरी वारदात है और इसकी जिम्मेदारी हम लेते हैं। ये तो अभी ट्रेलर है, हम तुम्हें बताएंगे फिल्म क्या होती है। अभी तक तुमने फिल्म हॉल में देखी है। हम तुम्हें बताएंगे क्योंकि विलेन हम है"।

-पुलिस ने की सेवा-चाकरी: पांचों को जेएनवीसी पुलिस ने वीडियो वायरल होने के कुछ ही समय में पकड़ लिया था। आरोपी जयपुर के लिए निकल चुके थे, उससे पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया। बदमाशों का दुस्साहस देखते हुए पुलिस ने आग लगाने वाले चारों बदमाशों की अच्छी सेवा चाकरी की बताते हैं।
-एक हिस्ट्रीशीटर, दूसरे की खुलेगी हिस्ट्रीशीट, मोनू ग्रुप से नहीं लिंक: पुलिस सूत्रों से पता चला है कि आरोपियों का कुख्यात मोनू ग्रुप से कोई लेना देना नहीं है। ख़ौफ पैदा करने के लिए मोनू ग्रुप का नाम वीडियो में डाला। आरोपी सनकी किस्म के हैं। थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी के अनुसार हरिसिंह उर्फ जेठूसिंह के खिलाफ पहले से आठ मुकदमें दर्ज हैं। हरिसिंह अब तक हिस्ट्रीशीटर घोषित नहीं था। लेकिन अब उसकी हिस्ट्रीशीट खोली जा रही है। वहीं नारायण सिंह बीछवाल थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ भी चोरी न मारपीट के 8-10 मुकदमें दर्ज बताए जा रहे हैं। वहीं अन्य आरोपियों के पहले से मुकदमें नहीं बताए जा रहे।
-हरिसिंह आगजनी का भी आदतन बदमाश: पुलिस सूत्रों से पता चला है कि हरिसिंह ने पहली बार आगजनी नहीं की है। इससे पहले भी वह आगजनी की दो वारदातें कर चुका है। उसने पांच छः माह पहले उदासर की सेठिया कॉलोनी में एक स्कूटी को आग के हवाले कर दिया था। वहीं शिवबाड़ी में कार जलाने की वारदात से ठीक पहले उदासर के एक मकान के दरवाजे व अंदर खड़ी बाइक के भी आग लगाई है। इस मामले में पुलिस अलग से मुकदमा दर्ज करने वाली है। ख़बर लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
-शिवबाड़ी के मामले में असली वजह बेटे की रंजिश: पोखरराम द्वारा पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार बदमाशों ने उससे नशे के लिए 1500 रूपए मांगे थे। पैसे नहीं दिए तो आरोपी नाराज हो गए। इसी वजह से घर के आगे खड़ी कार को आग लगा दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो के साथ धमकी लिखी। आरोपियों द्वारा परिवादी के पुत्र को जान से मारने की धमकी देने की बात भी कही जा रही है।
दूसरी तरफ यह भी पता चला है कि परिवादी का पुत्र सूरत रहता है। उसका आरोपियों से मिलना जुलना रहा है। परिवादी के पुत्र और आरोपियों में गाली गलौज हो रखी है। इसी का बदला लेने के लिए बदमाशों ने कार जलाकर धमकी देने जैसा कांड कर डाला।
-आरोपी है एमडी व चिट्टे के आदी, मारपीट, चोरी व आगजनी करना है आदत: पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी एमडी व चिट्टे का नशा करते हैं। हरिसिंह नशे में ही रहता है। वह मारपीट व आगजनी का आदतन अपराधी है। वहीं नारायण सिंह मारपीट व चोरी के मामलों में आरोपी हैं।
-बदमाशों को सबक सिखाने वाली टीम में ये रहे शामिल: एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन, एएसपी सिटी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ व सीओ सदर आईपीएस अनुष्ठा कालिया के सुपरविजन व थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी के नेतृत्व में बदमाशों को पकड़ने वाली टीम में एएसआई विनोद कुमार, एएसआई मुकेश मीणा, एएसआई झंवर लाल विश्नोई, कांस्टेबल हरफूल यादव, राजाराम व संग्राम सिंह शामिल थे। देखें वीडियो
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