19 May 2026 08:16 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। लालच बुरी बला है- यह कहावत बहुत पुरानी है मगर इंसान आज तक इसे आत्मसात कर ही नहीं पाया। वहीं कहीं ना कहीं लालच कर ही बैठता है। बीकानेर के रानीसर बास निवासी 26 वर्षीय लोकेश पड़िहार पुत्र नेमीचंद भी ऐसे ही लालच में फंसकर कानून के पंजे में फंस गया है।
मामला साईबर अपराध से जुड़ा है। साइबर ठगी के एक मामले में बीकानेर की साइबर पुलिस ने आरोपी लोकेश पड़िहार को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा के तहत जेल भिजवा दिया है।
साइबर थानाधिकारी आरपीएस शालिनी बजाज के अनुसार आरोपी के खिलाफ देशभर में शिकायतें दर्ज है। आरोपी साईबर ठगों की गैंग में शामिल है। वह अपने साथ बीकानेर के अन्य लोगों को भी इस गैंग का हिस्सा बना चुका है।
साइबर क्राइम रेस्पॉन्स सेल प्रभारी रमेश सर्वटा ने बताया कि आरोपी लोकेश टेलीग्राम आदि के माध्यम से ठगी करने वाली गैंग का हिस्सा है। वर्क फ्रॉम होम, पार्ट टाईम जॉब अन्य टास्क अचीव कर पैसे कमाने जैसे ऑफर देकर बेरोजगारों को झांसे में लिया जाता है। उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर राशि मांगी जाती है। यह राशि वह अपने अकाउंट अथवा अन्य किराए के अकाउंट में डलवाता है।
-दस प्रतिशत कमिशन में बनता है अपराधी: ठग गैंग्स द्वारा लोकेश जैसे एजेंट्स को दस प्रतिशत कमिशन दिया जाता है। अकाउंट किराए पर लाने के बदले भी कुछ मिलता होगा। इस दस प्रतिशत कमिशन के लालच में वह अनजान लोगों से होने वाली ठगी का हिस्सा बनते हैं।
रमेश सर्वटा के अनुसार बीकानेर के 4-5 युवक लोकेश के साथ इस ठगी गैंग के लिए काम कर रहे हैं। लोकेश ने 4-5 साथियों के नाम बताएं हैं। पुलिस उन्हें ट्रेस आउट करने का प्रयास कर रही है। आरोपी भाग ना जाए इसलिए नाम नहीं बताए जा रहे हैं।
-6 महीने पहले चुनी गलत राह: पुलिस के अनुसार लोकेश 6 माह से ठगी गैंग से जुड़ा है। वह साईबर ठगों से जुड़ गया। अब उनके लिए किराए पर अकाउंट की व्यवस्था करता है।
जबकि 6 माह पूर्व तक वह बीकानेर के एक बड़े ब्रांड में पापड़ का काम करता था। पापड़ तैयार करवाने के काम में उसकी आवश्यकताएं पूरी नहीं हुई या उसे संतुष्टि नहीं मिली, इस वजह से उसने अपराध का रास्ता चुना। पुलिस के अनुसार लोकेश को यह मालूम था कि वह ग़लत काम कर रहा है। वह पूरी जागरुकता के साथ यह काम कर रहा था।
-अन्य राज्यों से ठगे, बीकानेर में निकाला कैश: लोकेश व उसके साथियों के अकाउंट में राजस्थान से बाहर के व्यक्तियों से ठगी गई राशि आती है। ऐसा ही अन्य किराए के अकाउंट में होता है। उसके खिलाफ केरल व कर्नाटक आदि राज्यों में करीब 20 लाख की ठगी के मामले दर्ज हो चुके हैं।
वह ठगी की राशि किराए और स्वयं के अकाउंट में डलवाता। फिर चेक के माध्यम से कैश निकलवाता।
उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय ने साईबर अपराधों के विरुद्ध म्यूल हंटर अभियान चला रखा है। आईपीएस मृदुल कच्छावा के मार्गदर्शन, एएसपी सिटी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ के निर्देशन व एएसपी किरण गोदारा के सुपरविजन व साईबर थानाधिकारी शालिनी बजाज के निकटतम सुपरविजन में साईबर थाना व साईबर क्राइम रेस्पॉन्स सेल की टीमों ने यह कार्रवाई की है। टीम में एएसआई ओमप्रकाश, कांस्टेबल रामधन 1217 व कांस्टेबल सुभाष 1167 शामिल थे।
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