21 May 2026 03:21 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में नकली नोट छापने वाले गिरोह को पकड़ा गया है। श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों सहित मशीनें व नकली नोट भी पकड़े हैं। आरोपियों की पहचान इंदपालसर बड़ा, श्रीडूंगरगढ़ निवासी 25 वर्षीय नारायण पुत्र कालूराम ब्राह्मण, श्रीडूंगरगढ़ निवासी 25 वर्षीय आशीष पुत्र कृष्ण कुमार ब्राह्मण, हेमासर, श्रीडूंगरगढ़ निवासी 25 वर्षीय श्यामलाल पुत्र पूनाराम मेघवाल व पुंदलसर, श्रीडूंगरगढ़ निवासी 30 वर्षीय जितेन्द्र सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है। थानाधिकारी कश्यप सिंह ने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ के होटल सांवरिया सेठ में यह गिरोह नकली नोट छापने का काम कर रहा था। होटल संचालक आशीष को भी गिरफ्तार किया गया है। चारों इस काम में शामिल हैं।
मौके से एक प्रिंटर, एक कटर मशीन सहित छोटे मोटे अन्य उपकरण बरामद किए गए। 78 हजार रूपए नकद भी मिले। ये सभी 500-500 के नकली नोट थे।
-20 लाख के नकली नोट, हवाला माफियाओं को किए सप्लाई: प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी 10 माह से नकली नोट छाप रहे थे। उन्होंने अब तक 18 से 20 लाख रूपए छापने की बात स्वीकार की है। जांच में यह राशि और भी बढ़ सकती है। यह नकली नोट हवाला माफियाओं को सप्लाई किए गए। हवाला माफियाओं के माध्यम से ही यह नकली नोट बाजार में आए होंगे।
-ऐसे छापते हैं नकली नोट: पता चला है कि आरोपी स्कैनर वाले प्रिंटर से यह नोट छाप रहे थे। इसके लिए असली नोट को स्कैन किया जाता। नकली नोट बनाने के लिए कागज की ऑनलाइन खरीददारी करते।
-श्रीडूंगरगढ़ व लूणकरणसर है हवाला माफियाओं का गढ़: बता दें कि श्रीडूंगरगढ़ का एक बड़ा आदमी देशभर में हवाले का बड़ा काम करता है। इसका सिलीगुड़ी में भी ऑफिस है। श्रीडूंगरगढ़ मूल के इस माफिया ने मनी ट्रांसफर करने हेतु गाड़ियां खरीद रखी है। यह केवल एक नहीं है। इसके अतिरिक्त भी श्रीडूंगरगढ़ व लूणकरणसर क्षेत्र में हवाला माफिया भरे पड़े हैं। नकली नोटों के मामले में भी इस क्षेत्र के लोगों का नाम सामने आता रहता है। बीकानेर में भी हवाला माफिया भरे पड़े हैं।
-नकली नोट व हवाला माफियाओं की बीकानेर से जुगलबंदी: श्रीडूंगरगढ़ के हवाला किंग की नाम राशि का एक व्यक्ति बीकानेर शहर में भी हवाला कारोबार से जुड़ा रहा है। एक समय हवाला व क्रिकेट सट्टे में यह व्यक्ति खुलेतौर पर किंग था। कलकत्ता से भी इसका गहरा नाता रहा है। इसकी बड़े बुकी के तौर पर पहचान थी। हालांकि यह पुलिस से बचने में हमेशा ही कामयाब रहा। बाद में यह सफेदपोश बनता गया। अब ये सारे काम पर्दे के पीछे करता है।
अगर श्रीडूंगरगढ़ में पकड़े गए नकली नोट माफियाओं की कुंडली अच्छे से खंगाली गई तो श्रीडूंगरगढ़, लूणकरणसर व बीकानेर शहर के कई नामी लोग भी पुलिस की राडार पर आ जाएंगे। बता दें कि हवाला कारोबार उन्हीं लोगों की वजह से पनपता है जिनके पास दो नंबर का पैसा होता है। अधिकतर यह पैसा सट्टे से जुड़े लोगों का होता है। इसके अतिरिक्त भी कई तरह के व्यापार में पैसे इधर उधर करने के लिए हवाला माफियाओं की मदद ली जाती है।
अब देखना यह है कि पुलिस कितनी गहराई में जाकर जांच करती है। मामले में आगे की जांच मामले का नोडल थाना कोटगेट करेगा। उल्लेखनीय है कि यह कार्रवाई एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन में श्रीडूंगरगढ़ थानाधिकारी कश्यप सिंह के नेतृत्व वाली सब इंस्पेक्टर पवन शर्मा मय टीम ने की। टीम में पुनीत, नरेंद्र व अशोक शामिल थे।




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