15 September 2026 07:05 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर नगर निगम चुनाव के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि महापौर कौन बनेगा। कांग्रेस ने 42 सीटों से बहुमत हासिल करने के बाद जैसलमेर में डेरा डाला है। लेकिन महापौर के दावेदार पार्षद नवरत्न डागा आज सुबह बीकानेर लौट आए। डागा ने बताया कि उनके पिता जेठमल डागा की तबीयत खराब हुई थी। इसलिए वे कांग्रेस अध्यक्ष से अनुमति लेकर लौट आए।
-षडयंत्र शुरू, कलह पैदा करने की कोशिश: डागा मजबूरी में बीकानेर लौटे लेकिन विरोधियों ने मजबूरी को अवसर बनाकर अफवाहें फैलाना शुरू कर दिया। ये अफवाह फैलाई गई कि पार्षदों के साथ हुई संगठन की बैठक के दौरान डागा गुस्सा हो गये। वे गुस्से में बीकानेर लौट आए। जबकि यह बिल्कुल झूठ है।
-डागा के पिता है वर्षों से बीमार, देखरेख की जिम्मेदारी: दरअसल, नवरत्न डागा के पिता जेठमल डागा करीब 10 वर्षों से बेड रेस्ट पर हैं। नवरत्न इकलौते पुत्र हैं, ऐसे में उन पर सेवा की बड़ी जिम्मेदारी है। सवाल यह है कि एक पुत्र द्वारा पिता के लिए अध्यक्ष की अनुमति से संगठन का कैंप छोड़कर आ जाना कहां ग़लत है?
-पहले भी हुई अध्यक्ष व डागा को गिराने की साज़िश: बता दें कि नवरत्न डागा को टिकट मिलने के साथ ही एक पक्ष अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल व नवरत्न डागा को पटकनी देने के लिए सक्रिय हो गया था। यहां तक कि डागा के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के दौरान हिस्ट्रीशीटर दीपक अरोड़ा के पुत्र मोहित ने कांग्रेस अध्यक्ष के साथ मारपीट कर ली थी। वीडियो भी खूब वायरल हुए। हालांकि बाद हिंसा को सही साबित करने की कोशिशें भी खूब की गई। सिंबल चोरी का हास्यास्पद मुकदमा भी दर्ज करवाया गया।

-क्या महापौर बनने से रोकने के लिए हो रही साजिशें?: कार्यालय उद्घाटन से लेकर अब तक हुए घटनाक्रम सवाल खड़े करते हैं। शहर अध्यक्ष से मारपीट के विरोध में हुए आंदोलन में कई कांग्रेसियों का नदारद रहना सवाल खड़े करता है। तो पूर्व शहर अध्यक्ष यशपाल गहलोत की रिकॉर्डिंग भी प्रश्न चिन्ह लगाती है।
चर्चा यह भी है कि डागा को महापौर बनने से रोकने के लिए साजिशें की जा रही है।
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