13 September 2026 12:32 AM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर जिले की कोटगेट पुलिस ने राजस्थान के इतिहास में पहली बार अंबर ग्रीस के साथ तीन तस्करों को धर दबोचा है। कोटगेट पुलिस ने करीब 600 ग्राम अंबर ग्रीस पकड़ा है, जिसकी अनुमानित कीमत 60 से 80 लाख रुपए है। वहीं पकड़े गए तस्करों में दो नाबालिग है तथा एक बालिग है।
बालिग की पहचान अकबर मोहल्ला, सलूंबर, काहरवेली, रत्नागिरी, महाराष्ट्र निवासी 20 वर्षीय आर्यमान जावेद बनगार पुत्र जावेद मुसलमान के रूप में हुई। अन्य दोनों 17 वर्षीय नाबालिग यूपी व मुंबई के हैं। सीओ सिटी अनुज डाल ने बताया कि कोटगेट थानाधिकारी विक्रम तिवारी ने आर्मी इंटेलीजेंस के इनपुट पर तहकीकात की और तीनों आरोपियों को धर दबोचा। तीनों को महाराष्ट्र निवासी हैदर ने बीकानेर भेजा। वे ट्रेन से बीकानेर में अंबरग्रीस सप्लाई करने आए। बीकानेर में किसी बड़े व्यक्ति से हैदर की जुगलबंदी बताई जा रही है। पुलिस चौथे आरोपी की तलाश कर रही है।
क्या है अंबरग्रीस: अंबरग्रीस स्पर्म व्हेल के पाचन तंत्र से उत्सर्जित होने वाला एक बेहद दुर्लभ पदार्थ है। यह मोम जैसा होता है। मशहूर यह भी है कि यह व्हेल की उल्टी होती है मगर इसका कोई प्रामाणिक आधार नहीं मिला है।
दरअसल, स्पर्म व्हेल स्क्विड खाती है। स्क्विड की चोंच आदि कठोर हिस्से व्हेल पाचन तंत्र में रह जाते हैं। जो मोम जैसे पदार्थ में बदल जाते हैं। ये पदार्थ किसी तरह व्हेल के शरीर से बाहर आता है। पहले ये गहरे रंग का दुर्गंधयुक्त पदार्थ होता है, जो समुद्र के पानी में रहकर हल्के रंग का मिट्टी की सुंगध वाला पदार्थ बन जाता है। ख़ास बात यह है कि अंबरग्रीस सभी स्पर्म व्हेल में नहीं पाया जाता। यह 1 से 5 प्रतिशत स्पर्म व्हेल में मिलता है। बता दें कि स्पर्म व्हेल दुनिया की सबसे बड़े दांत वाली व्हेल मानी जाती है।
-अब तक हुई कार्रवाई: बता दें कि अंबरग्रीस राजस्थान के लिए नया है। लेकिन समुद्री इलाकों में ऐसी कार्रवाइयां पहले भी होती रही है। इससे पहले तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र व गुजरात आदि राज्यों में कई बड़ी कार्रवाईयां हो चुकी है। इनमें कर्नाटक के बेंगलुरु में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई, जहां 80 किलो यानी करीब 80 से 100 करोड़ का अंबरग्रीस पकड़ा गया।
-सबसे बड़ा सवाल, क्या असली है ये अंबरग्रीस: कोटगेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है लेकिन इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पकड़ा गया अंबरग्रीस असली है? इससे पहले भारत के विभिन्न भागों में हुई कई कार्रवाइयों में पकड़ा गया अंबरग्रीस ही नकली था। तस्कर नकली अंबरग्रीस ही असली बताकर बेच रहे थे। ऐसे में पकड़ा गया अंबरग्रीस असली है या नकली, यह लैब टेस्टिंग के बाद ही पता चल सकता है।
-क्या काम आता है अंबरग्रीस: दरअसल, अंबरग्रीस इत्र या परफ्यूम में काम आता है। यह पदार्थ इत्र या परफ्यूम की सुगंध को लंबे समय तक खत्म नहीं होने देता। मगर यह दुर्लभ पदार्थ है। ऐसे में इसकी उपलब्धता नहीं होना असली की जगह नकली माल की तस्करी करने की ओर संदेह पैदा करता है ।
-व्हेल है वाइल्ड लाइफ एक्ट(प्रोटेक्शन) के तहत संरक्षित: हालांकि वाइल्ड लाइफ एक्ट में अंबरग्रीस के विषय में कोई जिक्र नहीं मिलता। मगर इस एक्ट के तहत स्पर्म व्हेल और उससे निकलने वाले पदार्थ संरक्षण की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में अंबर ग्रीस बेचना या खरीदना अपराध माना जाता है।
उल्लेखनीय है कि एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशानुसार कोटगेट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। अब देखना यह है कि राजस्थान के इस पहले अनूठे मामले में आगे क्या होता है।

RELATED ARTICLES