05 May 2026 03:52 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। (पत्रकार रोशन बाफना की रिपोर्ट) बीकानेर में मौत का ब्याज माफिया लगातार सक्रिय है। पांच रूपए सैकड़े से लेकर 40 रूपए सैकड़े तक का ब्याज वसूल कर गरीबों का खून चूसने वाला यह माफिया लोगों की बर्बादी का कारण बन रहा है। हालांकि कई मामलों में ब्याज वसूलने की सारी सीमाएं भी पार हो जाया करती है।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि गंगाशहर थाना क्षेत्र में भी कई माफिया सक्रिय है। यह ब्याज माफिया 10 से 20 रूपए सैकड़ा वसूलते हैं। ब्याज समय पर ना मिलने पर भारी-भरकम पेनल्टी लगाते हैं। कर्ज के बोझ से दबा गरीब मूल तो क्या ब्याज भी नहीं चुका पता। मौत का ब्याज माफिया बड़ी चालाकी से इस बात का फायदा उठाता है। धीरे धीरे मूल धन में ब्याज और पेनल्टी भी जोड़ दी जाती है। देखते ही देखते एक लाख का कर्ज 2, 3, 4, 5 और 10-20 लाख तक पहुंच जाता है। यही मौत का ब्याज है। जब तक इंसान मर ना जाए तब तक यह ब्याज इसका पीछा नहीं छोड़ता।
सूत्रों से पता चला है कि पाबू चौक का एक युवक मौत का ब्याज माफिया बना हुआ है। इसी तरह चौपड़ा बाड़ी के बद्री भैरव मंदिर के पास का एक युवक भी मौत के ब्याज का धंधा कर रहा है।
एक युवक इन माफियाओं को 11 माह में लिए गए कर्ज का दो गुना ब्याज दे चुका है लेकिन यह माफिया अब भी इस युवक से लिए गए कर्ज का चार गुना ब्याज मांग रहे हैं, जबकि मूलधन तो खड़ा ही रहेगा।
पाबू चौक, चौपड़ा बाड़ी, भीनासर, नोखा रोड़ आदि इलाकों में इस तरह के मौत का ब्याज माफियाओं की भरमार है।
-बिना लाइसेंस के लेते हैं सिक्योरिटी चेक, फिर लगाते हैं एन आई एक्ट का मुकदमा: ये माफिया गरीब की मजबूरी का फायदा उठाकर उससे सादे चेक, स्टांप, सोना, चांदी व जमीन के कागजात तक गिरवीं रख लेते हैं।
इतना ही नहीं ब्याज ना चुकाने पर सादे चेक में कई गुना अधिक रकम भरकर चेक बाउंस करवाते हैं। फिर एन आई एक्ट के तहत मुकदमा लगा देते हैं। न्यायालयों में चल रहे अधिकतर चेक बाउंस के मामलों के पीछे की हकीकत अलग है। गंगाशहर में ऐसे कई माफिया है जिन्होंने ऐसे ही मुकदमें लगा रखे हैं।
-ब्याज चुकाने के लिए लेते हैं नया लोन और निकल जाती है ज़िन्दगी: मौत के ब्याज में फंसा व्यक्ति मरते दम तक माफियाओं के चंगुल और कर्ज से मुक्त ही नहीं हो पाता। ब्याज चुकाने के लिए एक पर एक नये कर्ज लिए जाता है। पता चला है कि गंगाशहर थाना क्षेत्र निवासी एक युवक ने ब्याज चुकाने के लिए मां की कान की बालियां, नथनी, कंगन से लेकर जमीनें तक गिरवीं रख दी। अब उसकी जिंदगी सिर्फ कर्ज लेने और चुकाने में निकल रही है। इतना चुकाने के बाद भी उसका कर्ज बढ़ता ही जा रहा है।
-ना हो प्रताड़ित, ना डरो, करो शिकायत: अगर आप भी मौत का ब्याज माफिया के चंगुल में फंसे हैं तो डरिए नहीं, बस शिकायत कीजिए। आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में ब्याज माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएं। थाना ना सुने तो एसपी और आईजी के पास जाएं। वहां भी सुनवाई ना हो तो न्यायालय की शरण लें। जब एक ही माफिया पर बार बार मुकदमें होंगे तो मौत का ब्याज माफिया का खात्मा होते देर ना लगेगी।
आप अपने साथ हुए अन्याय की जानकारी हमें भी 7014330731 पर दे सकते हैं। हम ख़बर लगाकर आपकी मदद करेंगे।
उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में ख़बरमंडी न्यूज़ ने पहली बार "मौत का ब्याज माफिया" अभियान चलाया था। तब इन माफियाओं की कुंडली बाहर आई। सैकड़ों कर्जदारों को राहत मिली। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने इसी अभियान पर संज्ञान लिया। मुकदमें दर्ज करने शुरू किए। कुछ अख़बारों ने भी ख़बरमंडी न्यूज़ के "मौत का ब्याज माफिया" टर्म को अपनाया। अब एक बार फिर हम "मौत का ब्याज माफिया" अभियान शुरू कर रहे हैं। अगर आप समाज को इस माफिया से मुक्ति दिलाना चाहते हैं तो आइए जुड़िए हमारे साथ। हर ख़बर को वायरल कीजिए ताकि जागरुकता बढ़े। सूचना दीजिए, शिकायत कीजिए और दबे हुए लोगों को हिम्मत दीजिए।
RELATED ARTICLES