04 May 2026 11:11 PM


ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। चार राज्यों व एक केंद्रशासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। पश्चिम बंगाल में टीएमसी पिछड़ चुकी है। वहीं बीजेपी इतिहास रच चुकी है। बंगाल की जनता ने सत्ता पलटते हुए बीजेपी को बहुमत दे दिया है।
यहां 294 सीटों पर चुनाव हुआ था जबकि बहुमत के लिए 148 सीटों पर जीत जरूरी थी। बीजेपी ने यहां 207 सीटों पर विजय हासिल की है। जबकि टीएमसी 80 सीटों पर ही सिमट गई। वहीं लेफ्ट ने 2, कांग्रेस ने 2 व अन्य ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की है।
-ममता ने लगाए चुनाव आयोग पर आरोप: पश्चिम बंगाल में सत्ता पलट चुकी है। ममता बनर्जी के हाथ से सबकुछ निकल चुका है। ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बीजेपी ने 100 से ज्यादा सीटों की लूट की है। बीजेपी ने धोखाधड़ी की है। चुनाव आयोग अब बीजेपी आयोग बन गया है। हमने समय समय पर इसकी शिकायत की है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था।
ममता ने कहा कि बीजेपी की जीत अनैतिक है। चुनाव आयोग ने पीएम और गृहमंत्री के साथ मिलकर जो किया है वो पूरी तरह अनैतिक है। उन्होंने जोर जबरदस्ती से एस आई आर किया। अत्याचार किया। काउंटिंग एजेंट्स को गिरफ्तार किया। हम वापसी करेंगे।
-बंगाल में पहली बार सत्ता में बीजेपी, लंबी चलेगी पारी: बीजेपी ने अपने संस्थापक यानी भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वाले श्यामा प्रसाद मुखर्जी की धरती पर परचम फहरा दिया है। बीजेपी पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बना रही है, उसने बहुमत हासिल कर लिया है। जिस तरह की राजनीतिक परंपरा पश्चिम बंगाल की रही है, उस हिसाब से यह भी तय माना जा रहा है कि बीजेपी अब 10-15 साल बंगाल पर राज करेगी। बता दें कि बीजेपी में टीएमसी 2011 में सत्ता में आई और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनीं। इससे पहले वाम मोर्चा ने 34 साल राज किया। हालांकि बीजेपी के लिए बंगाल में सरकार चलाना इतना आसान भी नहीं होगा। वजह, ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी मजबूत विपक्ष की भूमिका में होगी।
-शुभेंदु अधिकारी हो सकते हैं अगले मुख्यमंत्री: पश्चिम बंगाल में बीजेपी शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बना सकती है। शुभेंदु अधिकारी को दो सीटों से चुनाव लड़वाना भी इसी ओर इशारा करता है। अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर से भी चुनाव लड़ा। बता दें कि शुभेंदु ने अपना राजनीतिक करियर कांग्रेस से शुरू किया। बाद में 1998 में टीएमसी में शामिल हुए। वे ममता सरकार में परिवहन व सिंचाई मंत्री भी रहे। वहीं बीजेपी में शामिल होने से पहले टीएमसी की टिकट पर सांसद का चुनाव जीते। उन्होंने 2020 में बीजेपी का दामन थाम लिया। दूसरे दलों से आए नेताओं को बड़ा पद देने अथवा मुख्यमंत्री बनाने की नीति बीजेपी की रही है। असम में हिमंता बिस्वा सरमा भी इसका एक उदाहरण है। ऐसे में शुभेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल का अगला मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं अधिक प्रबल लग रही है।
-कांग्रेस के बढ़े वोट भी टीएमसी पर पड़े भारी: चुनाव नतीजों ने इस वजह से भी चौंका दिया है कि इस बार हुए चुनावों में कांग्रेस का वोटिंग प्रतिशत बढ़ा है। पश्चिम बंगाल में भी कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने भी टीएमसी को नुक़सान पहुंचाया है।
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