20 December 2025 02:06 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। पीबीएम में मरीज अब भगवान भरोसे ही है। कभी ग़लत इंजेक्शन तो कभी ग़लत दवाई तो कभी सीरियस मरीजों की जांचों में देरी, यही है पीबीएम की असली हकीकत। पीबीएम की दुर्दशा के पीछे सबसे बड़ी वजह सीनियर डॉक्टर्स की अनदेखी है। सीनियर डॉक्टर्स सुबह के राउंड के बाद पीबीएम में ज्यादा रूचि नहीं लेते। वजह, इन्हें अपना प्राइवेट क्लिनिक संभालना होता है।
ताज़ा मामला हल्दीराम अस्पताल का है। यहां आई वार्ड में भर्ती एक महिला की तीसरे दिन भी ईको नहीं हुई है। हालांकि यह पहला मामला नहीं है। मरीज परिजनों का कहना है कि ईको के लिए 29 दिसंबर डेट दी गई है। अब आप ही बताइए, दिल के मरीज की ईको ही जब 10 दिन बाद होगी तो मरीज की खैरियत तो भगवान भरोसे ही हुई ना।
बता दें कि पीबीएम संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है। यह न सिर्फ चार जिलों की उम्मीद है बल्कि आसपास के राज्यों के मरीज भी यहां आते हैं।
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13 October 2020 04:51 PM