01 September 2026 09:41 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। (वार्ड का गार्ड: रोशन बाफना)बीकानेर के 80 वार्डों में चुनाव का माहौल है। सड़क, नाली, साफ-सफाई व बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं इस चुनाव का ज़मीनी मुद्दा है। इसके अतिरिक्त पार्क, खेल ग्राउंड सहित विभिन्न सुविधाओं की भी मांग हैं। इन 80 वार्डों में कुछ वार्डों पर सबकी नज़र है। किस वार्ड का गार्ड कौन बनेगा, यह तो वक्त ही बताएगा मगर मुकाबला रोचक होगा। आज हम बात गंगाशहर के वार्ड नंबर 28 की करेंगे। हमेशा से बीजेपी के सर्वाधिक सुरक्षित वार्डों में शामिल रहा यह वार्ड परिसीमन के बाद उतना सुरक्षित नहीं माना जा रहा।
यहां चार प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। बीजेपी से मोहन सुराणा की पत्नी मधु देवी सुराणा व कांग्रेस से शांतिलाल सेठिया की पत्नी पुष्पा देवी चुनाव लड़ रही है। वहीं दो निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में है। युवा नेता हेमंत कातेला की माता लक्ष्मी देवी जैन व मंजू देवी बोथरा ने निर्दलीय ताल ठोकी है।
-बड़ी पार्टियों से अंदरूनी नाराज़गी, टूटी सड़कों से है दोनों की लड़ाई: तहकीकात में सामने आया है कि 28 नंबर वार्ड का मतदाता कांग्रेस व बीजेपी से असंतुष्ट नज़र आ रहा है। नगर निगम में पिछले दो बोर्ड बीजेपी के रहे। इसी वार्ड ने महापौर भी दिया। मगर यह वार्ड बुरी स्थिति में रहा है। धरातल पर देखें तो सड़क, नाली व साफ-सफाई के मामले में बीजेपी का बोर्ड असफल रहा। वहीं कांग्रेस ने तो चुनाव के अतिरिक्त मुंह ही नहीं दिखाया। ऐसे में अब जनता तीसरा विकल्प तलाशती दिख रही है। तीसरे विकल्प के रूप में लक्ष्मी देवी है। इसकी वजह उनका पुत्र हेमंत कातेला है। देखा जाए तो इस बार का मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच नहीं बल्कि निर्दलीय लक्ष्मी देवी व बीजेपी के बीच है।
-जितने ज्यादा मतदाता, उतना ज्यादा असंतोष: वार्ड नंबर 28 बीजेपी बाहुल्य वार्ड है। मगर इस बार मतदाताओं का अधिक होना ही सबसे बड़ा माइनस पॉइंट है। जितने अधिक मतदाता उतना अधिक असंतोष। असंतोष की वजह से बीजेपी को काफी नुकसान होने की आशंका है। हालांकि मोहन सुराणा अपनी पत्नी की जीत का पूरा प्रयास करेंगे। मगर बीजेपी की कामचोरी का हर्जाना अब बीजेपी प्रत्याशी को भुगतना पड़ सकता है। यह कहा नहीं जा सकता कि कातेला और सुराणा की टक्कर में कौन विजयी होगा मगर यह आशंका है कि कांग्रेस इस वार्ड से कुछ खास हासिल नहीं कर पाएगी। रही बात टक्कर की तो जनता की नाराज़गी निर्दलीय के लिए मददगार हो सकती है।
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