25 September 2026 11:33 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। महापौर चुनाव के बाद बीकानेर नगरीय क्षेत्र में सफाई व्यवस्था एकाएक चरमरा गई है। अचानक ऐसा क्या हुआ जो नगर निगम प्रशासन सफाई व्यवस्था के मामले में पूरी तरह बेबस हो उठा। यह कोई साजिश है या खराब प्रबंधन का उदाहरण, यह तो जांच का विषय है मगर बीकानेर नगरीय क्षेत्र के हालात काफी बिगड़ चुके हैं। आप हर सड़क हर चौक पर कचरे के ढ़ेर देख सकते हैं।
महापौर चुनाव के बाद कचरे का हर ढ़ेर बड़ा होता जा रहा है। ट्रेक्टर व सफाई कर्मियों की कमी बताई जा रही है। मगर सवाल यह है कि चुनाव के दौरान यह कमी क्यों नहीं आई? कांग्रेस का बोर्ड बनने के बाद ही यह कमी क्यूं आई? क्या यह नये बोर्ड को ठिकाने लगाने की कोई रणनीति है? कहा जा रहा है कि पुराने ठेके का समय पूरा हो चुका है। अगला टेंडर ना हो तब सफाई व्यवस्था को किसके भरोसे छोड़ा गया है? अगर वाकई ठेका अवधि खत्म होने की वजह से कचरा नहीं उठ रहा है तो प्रशासन को अपने प्रबंधन कौशल पर काम करना चाहिए।
बता दें कि शहर में हर जगह लगे कचरे के ढ़ेर से जन आक्रोश बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर भी विरोध की तस्वीरें देखने को मिल सकती है।
कई जनप्रतिनिधियों ने भी विरोध दर्ज करवाया है। गंगाशहर के वार्ड नंबर 28 के पार्षद प्रतिनिधि हेमंत कातेला ने निगम आयुक्त को ज्ञापन देकर वार्ड में सफाई कर्मी व संसाधन बढ़ाने की मांग की है। हेमंत का एक वीडियो भी वायरल है, जिसे देखकर यह स्पष्ट हो रहा है कि ट्रेक्टर अब कचरा कलेक्शन व्यवस्थित तरीके से नहीं कर रहे हैं। कुल मिलाकर निगम प्रशासन सफाई व्यवस्था के मामले में नाकाम होता दिख रहा है। हेमंत ने ख़बरमंडी को कहा कि उनके वार्ड की बदहाली दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। महापौर चुनाव के तुरंत बाद वे प्रतिदिन वार्ड में सफाई कार्य करवा रहे हैं।

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