30 October 2026 12:54 PM


ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। रोहित गोदारा गैंग के गुर्गे विष्णु साध का जिन्न बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत का पीछा ही नहीं छोड़ रहा है। ये जिन्न सुरेंद्र सिंह से होते हुए अब उपमहापौर पंकज गहलोत तक पहुंच गया है। जयपुर में एक बीकानेरी नेता के घर हुए भोज के कार्यक्रम का फोटो वायरल होने से शुरू हुई कहानी अब बीजेपी के एक खेमे में आग लगा रही है।


सोशल मीडिया पर इसे बाड़ेबंदी का फोटो बताया गया। जवाब में सुरेंद्र सिंह ने पल्ला झाड़ते हुए इस फोटो को विरोधियों की साज़िश बताया। कहा कि ये फोटो एआई जनरेटेड है। जिन्होंने महापौर चुनाव में क्रॉस वोटिंग करवाई, उन्होंने ने ही ये फोटो वायरल करवाया है।

हमने तहकीकात की तो सामने आया कि यह बाड़ेबंदी का फोटो ही नहीं है। यह एक बीकानेरी नेता के घर हुए भोज के कार्यक्रम का फोटो है। अलग अलग टूल्स पर फेक्ट चैक किया तो इस फोटो के एआई जनरेटेड होने के संकेत भी नहीं मिले। टूल्स ने कहा फोटो ओरिजनल है। अब इस फोटो को लेकर सुरेंद्र सिंह का दावा सही साबित हो ही रहा था कि सोशल मीडिया पर विष्णु व सुरेंद्र सिंह के फोटो की बाढ़ आ गई।
अब बात इस फोटो से बहुत ऊपर निकल चुकी है। सोशल मीडिया पर अलग अलग फोटो वायरल हो रहे हैं। नरेंद्र सिंह स्याणी नाम के व्यक्ति ने करीब 40 फोटो साझा किए हैं। जिनमें सुरेंद्र सिंह के साथ विष्णु साध के फोटो हैं। सभी फोटो अलग अलग समय व अलग अलग लोकेशन के हैं। हर फोटो में सुरेंद्र सिंह नज़र आ रहे हैं। एक फोटो में उपमहापौर तो अन्य में कुछ और भी जाने पहचाने चेहरे विष्णु के साथ नज़र आ रहे हैं। बता दें कि ये विष्णु साध वही है जो एक समय बीजेपी युवा मोर्चा की टीम में पद पर हुआ करता था। विक्रम की अध्यक्षता वाली इस टीम में विष्णु भी मुख्य चेहरा था।
बता दें कि हाल ही में विष्णु साध व मनीष लांबा को नयाशहर पुलिस जयपुर से लाई थी। सर्राफा व्यापारी जुगल सोनी से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के प्रकरण में दोनों को लाया गया था। हालांकि बाद में पुलिस ने मनीष को क्लीन चिट देते हुए छोड़ दिया। जबकि विष्णु को नयाशहर की जगह कोटगेट पुलिस ने संगठित अपराध की धाराओं से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार कर लिया।
अब सोशल मीडिया पर जंग छिड़ी है। व्यंग्य कसे जा रहे हैं, चुटकियां ली जा रही है। इस बीच अलग अलग सोशल प्लेटफॉर्म पर सुरेंद्र सिंह बयान दे रहे हैं। विष्णु से जुड़े इस मुद्दे पर मनीष का मामला तो ठंडा पड़ गया मगर सुरेंद्र सिंह लपेटे में आ गए। बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब किसी आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति से किसी नेता के संपर्क सामने आए हों। राजनीति हमेशा से ही आपराधिक लोगों की शरणस्थली रही है। पिछले विधानसभा चुनाव की रैलियों में आपराधिक व्यक्ति देखे गए थे।
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