19 May 2021 05:08 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। कोविड महामारी के बीच अब प्रदेश में ब्लैक फंगस को भी महामारी तथा नोटिफायबल बीमारी अधिसूचित कर दिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने कहा है कि कोरोना के कारण ब्लैक फंगस के मरीजों की लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस वजह से इसे राजस्थान महामारी अधिनियम के तहत अधिसूचित किया गया है। अब कोरोना की तरह ब्लैक फंगस पीड़ित मरीजों की सूचना मुख्यालय को प्रतिदिन देनी होगी।
बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी ब्लैक फंगस को लेकर गंभीरता जताई है। गहलोत ने केंद्र से सामंजस्य करते हुए ब्लैक फंगस के इलाज के निर्देश दिए हैं। जयपुर सहित कई जिलों में ब्लैक फंगस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में पीड़ितों की आंखें, जबड़ा व दांत तक निकालने पड़ रहे हैं। बीकानेर में भी कोरोना नेगेटिव हो चुके तीन व्यक्तिय ब्लैक फंगस संदिग्ध माने गए हैं। उनकी जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। बता दें कि पिछले वर्ष भी करीब 7 व्यक्ति ब्लैक फंगस के शिकार हुए थे।

विभिन्न एक्सपर्ट्स के अनुसार ब्लैक फंगस कोरोना के बाद होने वाली बीमारी है। ऐसे कोरोना मरीज जिनकी लंबे समय तक शुगर अनियंत्रित रहती है तथा वे ऑक्सीजन तथा स्ट्रॉयड लेते रहते हैं, उनमें ये फंगस पनप जाता है। दरअसल, स्ट्रॉयड लगाने से मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता गिर जाती है, ऐसे में लंबे समय तक स्ट्रॉयड लेना खतरनाक साबित होता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार अपवाद मामलों को छोड़कर लंबे समय तक शुगर अनियंत्रण की अवस्था के साथ स्ट्रॉयड व ऑक्सीजन लेना इस योग का कारण है।
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