25 May 2020 03:02 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। नास्तिक भी अब कहने लगे हैं 'हे! भगवान'। दुनिया भर के वैज्ञानिक दिन-रात एक कर चुके हैं, लेकिन वैक्सीन तैयार नहीं हो पाई है। यहां तक कि कोरोना पर पूरी तरह कुछ भी साफ नहीं हो पाया है। ऐसे में बीकानेर के लोग अब बाबा भैरव नाथ की शरण में हैं। यहां नत्थूसर गेट क्षेत्र में स्थित बालक भैरूं व कोडमदेसर भैरूं को तो डॉक्टर का स्वरूप देते हुए डॉक्टर भैरूंनाथ लिख दिया गया है। बालक भैरूं किराडू बगीची के सामने स्थित श्मशान में बना एक मंदिर है। मनीष पुरोहित ने बताया कि वर्षों पहले यहां एक छोटे बच्चे का शव गढ़ा हुआ था, जिसे श्वानों ने खोदकर निकाल दिया। लेकिन धड़ अंदर रहा। इसके बाद कोई चमत्कार हुआ बताते हैं, जिस पर बालक के सर पर बालक भैरव मंदिर की स्थापना की गई। इनमें आस्था रखने वालों का कहना है कि यहां हर समस्या का समाधान होता है। मनीष पुरोहित ने बताया कि अब भैरूं के भरोसे ही सबकुछ छोड़ दिया है, वे ही इस कोरोना का इलाज करेंगे। यहां वर्षों से हर रोज पूजा व श्रृंगार होता है। मनीष ने बताया कि बाबा बालकनाथ का श्रृंगार नितेश, अनिकेत, योगीराज, शंभू, गोविंद, बबलू सारस्वत व शिवम् आदि करते हैं। लॉक-डाउन की वजह से दो-दो जनों के ग्रुप में काम बांटा गया है। ख़ास बात यह है कि सात बजे से पहले ये भक्त पूजा-श्रृंगार कर घर चले जाते हैं।
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