09 November 2022 03:05 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। अवैध गर्भपात के बाद 27 वर्षीय महिला की मृत्यु का मामला सामने आया है। 10 अक्टूबर की इस घटना पर एसपी योगेश यादव हस्तक्षेप के बाद एक माह बाद अब मुकदमा दर्ज हुआ है। परिवादी बालाराम मेघवाल ने बताया कि उसके भाई संजय की पत्नी पार्वती की 10 अक्टूबर को पीबीएम अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। आरोप है कि आशा सहयोगिनी अन्नपूर्णा व नर्स सुलोचना ने मिलकर पार्वती की कोख में पल रहे चार माह के भ्रूण की हत्या करवा दी। परिवादी के अनुसार अन्नपूर्णा का उनके घर आना जाना था। उस पर सबको विश्वास था। 7 अक्टूबर को पार्वती अन्नपूर्णा के पास गई थी। अन्नपूर्णा उसे नर्स सुलोचना के पास लेकर गई। तुलसी अस्पताल में सोनोग्राफी करवाई गई। इसके बाद पार्वती 10 अक्टूबर को सुलोचना के घर गई। जहां गर्भपात किए जाने का आरोप है। यहां से शाम को पार्वती को घर भेज दिया गया। देर रात तबीयत बिगड़ी तब गर्भपात की बात सामने आई। उसे पीबीएम अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बच पाई।
परिवादी के अनुसार मृतका के चार बच्चे पहले से थे। जिनमें दो लड़कियां थी। एक बच्चा अभी तक दूधमुंहा है। पुलिस ने सुलोचना के खिलाफ धारा 314 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच कार्यवाहक थानाधिकारी बलवीर सिंह को दी गई है।
बता दें कि मृतका का पति संजय मजदूर हैं। यानी एक मजदूर के कंधों पर चार बच्चों को पालने की जिम्मेदारी पहले से थी। चार माह का गर्भ गिराने का क्या कारण रहा, यह सबसे बड़ा सवाल है। क्या पार्वती की कोख में कन्या का भ्रूण पल रहा था। पार्वती ने गर्भपात से तीन दिन पहले सोनोग्राफी करवाई थी। मामला कन्या भ्रूण हत्या से जुड़ा है या पांचवां बच्चा पालने की अक्षमता का है, यह जांच का विषय है। बता दें कि गर्भपात करवाना व करना दोनों ही अपराध है। गर्भपात में पार्वती की सहमति तो साफ दिख रही है मगर और कौन शामिल था, यह जांच में पता चलेगा।
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