04 April 2020 01:15 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। कोरोना इमरजेंसी के बीच राशन को लेकर लोग चकरघिन्नी हो गये हैं। वजह, राशन कार्ड होने के बावजूद भी डिपो होल्डर द्वारा राशन न देना है। इस समस्या को लेकर लोग अपने-अपने वार्ड पार्षद के पास जा रहे हैं, लेकिन वे भी करें तो क्या करें? बिना अधिकारों के पार्षद मदद करने में बेबस है। तो वहीं डीएसो यशवंत भाकर से भी समाधान नहीं मिल पाता है। कहा जा रहा है कि डिपो होल्डर लोगों को राशन कार्ड पार्षद से प्रमाणित करवाने का बोलकर टाल देता है, मज़े की बात तो ये है कि पार्षद को इस तरह के प्रमाणिकरण का कोई अधिकार नहीं बताया जा रहा। बीपीएल कार्ड धारकों में यह समस्या थोड़ी आ रही है लेकिन एपीएल के लिए राशन मिलना सपना ही लग रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने जो एपीएल व बीपीएल दोनों को राशन देने की योजना बनाई है वह किस तरह धरातल पर साकार हो पाएगी। डिपो होल्डर का यह भी कहना है कि वह सिर्फ उनको ही राशन देगा जिसका नाम उसकी मशीन में आएगा और ओटीपी आएगी। ऐसे में भामाशाहों द्वारा हो रही भोजन-राशन की सेवाओं की वाहवाही लूटने में लगे प्रशासन को कम से कम डिपो होल्डर के माध्यम से राशन सबको मिल सके, इस पर कदम उठाना चाहिए।
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