11 March 2020 10:42 AM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। पुलिस एकबार फिर राजनीतिक दबाव का शिकार बनीं है। नोखा हत्याकांड मामले में थानाधिकारी भगवान सहाय मीणा को एसपी प्रदीप मोहन शर्मा ने सस्पेंड किया। सूत्रों की मानें तो एसपी शर्मा ने यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया था। ज्ञात रहे कि 9 मार्च को शांतिलाल ने पीबीएम में दम तोड़ा, इसके बाद नारायण झंवर की अगुवाई में नोखा से आए लोगों ने शव ले जाने से मना कर दिया था। बताया जा रहा है कि एसपी के साथ चाय नाश्ते पर हुई वार्ता में कांग्रेसी नेता नारायण झंवर ने पूरे थाने को सस्पेंड करने की मांग की। जिस पर एसपी सहमत नहीं हुए। जिसके बाद झंवर थानाधिकारी को सस्पेंड करवाने की बात पर अड़ गए। यह वार्ता एसपी के यहां हुई। एसपी ने थानाधिकारी को सस्पेंड कर दिया। तो वहीं दूसरी ओर यह चर्चा भी चल पड़ी है कि दो आपराधिक गुटों की लंबे समय से चल रही रंजिश के बाद हुए इस हत्याकांड में पुलिस को दोषी मानना कहां तक सही है। उल्लेखनीय है कि मृतक शांतिलाल बोथरा सहित अजित सिंह, विकास सेवग, पृथ्वीसिंह आदि पर पहले से कई मुकदमें हैं। सूत्रों का कहना है कि शांतिलाल आदि ने एक्स फौजी के हाथ-पैर व गाड़ी तोड़-फोड़ दी थी, जिसके बाद वह बैड रेस्ट पर है। रविवार को उसी की गैंग के बदमाशों ने कैम्पर पर पेट्रोल डालकर आग लगाई थी। इस घटना में पृथ्वीसिंह व विकास बचने में कामयाब हो गए। लेकिन अजित सिंह व शांतिलाल नशे में टल्ली थे इस वजह से वह खुद को आग से बचा नहीं पाए। पुलिस की गलती के बिना पुलिस को कमजोर करने के पीछे राजनीतिक कारण माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि नारायण झंवर के यहां राजू ठेहट गैंग से हुई मारपीट मामले में थानाधिकारी भगवान सहाय ने मामला दर्ज करते वक्त झंवर को फटकार लगाई थी। बताया जा रहा है झंवर राजू ठेहट गैंग के अड्डे पर गया था जहां उसने खुद को नोखा थानाधिकारी बताते उसे कुछ लोगों को उठाया था। जिसके बाद मामला बिगड़ा और वारदात हुई। जिसका झंवर की तरफ से मामला दर्ज किया गया लेकिन थानाधिकारी द्वारा फटकार भी लगाई गई थी। इसी की टीस निकालने कू लिए झंवर ने मौके को भुनाते हुए अपने आदमियों के साथ सारा ड्रामा रचा। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि मृतक से उसका परिवार खुद ही परेशान था। पीबीएम में इकट्ठा होने वालों में अधिकतर झंवर के लोग बताए जा रहे हैं। आरोपों की पुष्टि में सूत्रों का कहना है कि अगर राजनीति नहीं हुई तो सीओ नोखा को सस्पेंड क्यों नहीं किया गया??
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