01 May 2025 09:59 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। हाल ही में चर्चा में आए बीकानेर के सायबर फ्रॉड गैंग के तीनों सदस्यों की जमानत अर्जी न्यायालय ने खारिज कर दी है। सायबर क्राइम रेस्पॉन्स सेल ने पिछले दिनों इस गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार सदस्यों की पहचान एम एस कॉलेज की छात्रा गणपति राजपुरोहित, श्यामसुंदर विश्नोई व लक्ष्मण सिंह के रूप में हुई थी। श्यामसुंदर सरकारी शिक्षक है, वहीं लक्ष्मण ने भी मरुधर इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग कर रखी है। एएसपी खान मोहम्मद ने बताया कि मामले में गैंग सरगना रासीसर निवासी प्रमोद विश्नोई की तलाश जारी है।
ये था मामला: दरअसल, सैल को इनपुट मिले थे कि बीकानेर के कुछ बैंक अकाउंट्स में सायबर फ्रॉड के लाखों रूपए जमा हुए हैं। इस पर एएसपी खान मोहम्मद के निर्देशन में अनुसंधान अधिकारी रमेश सर्वटा ने तहकीकात शुरू की। सर्वटा की टीम को बीकानेर में सक्रिय एक बड़े गैंग का पता चला। सर्वटा के अनुसार प्रमोद विश्नोई इस गैंग का सरगना है। वहीं गणपति, श्यामसुंदर व लक्ष्मण उसके लिए काम करते हैं।
-मुंबई पुलिस के भी वांटेड: सर्वटा के अनुसार प्रमोद, श्यामसुंदर व गणपति मुंबई पुलिस के वांटेड भी हैं। डिजिटल अरेस्ट के एक मामले में मुंबई पुलिस प्रमोद, श्यामसुंदर व गणपति की तलाश कर रही है। मुंबई पुलिस जल्द ही श्यामसुंदर व गणपति को प्रॉडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करेगी।
-ऐसे करते हैं फ्रॉड: सायबर फ्रॉड करने वाले कमिशन व किराए पर बैंक अकाउंट लेते हैं। इसका दस प्रतिशत हिस्सा खाता होल्डर को दिया जाता है। इसके बाद वे फ्रॉड की राशि लिए गए खातों में डलवा देते हैं। राशि खाते में आने के साथ ही पैसे निकलवा भी लिए जाते हैं। जब खाता ब्लॉक हो जाता है तब वह उस खाते में ट्रांजेक्शन भी बंद कर देते हैं।
-ऐसे जुड़ी एक छात्रा व पढ़ें लिखे लड़के गैंग से: रमेश सर्वटा के अनुसार श्यामसुंदर व प्रमोद साथ पढ़े हुए थे। प्रमोद ने सबसे पहले श्यामसुंदर को जोड़ा। प्रमोद ने पहले श्यामसुंदर का अकाउंट लिया। श्यामसुंदर ने गणपति व लक्ष्मण के खाते भी दिलवा दिए। गणपति के अकाउंट में फ्रॉड के 50 लाख रूपए क्रेडिट हुए। वहीं श्यामसुंदर के खाते में 20 लाख व लक्ष्मण के खाते में 10 लाख रुपए आए। इसके बाद तीनों के खाते फ्रिज हो गए।
जब मोटा कमिशन मिला तो तीनों में लालच जाग गया। लेकिन खाते फ्रिज होने से पैसे आने बंद हो गये। तब तीनों ही प्रमोद की गैंग से जुड़ गए। सर्वटा के अनुसार गणपति व प्रमोद के बीच मित्रता हो गई। अब ये तीनों बीकानेर जिले के अलग अलग लोगों से किराए पर खाते लेने लगे। बताया जा रहा है कि तीनों ने मिलकर करीब 50 बैंक खाते किराए पर लिए। इनमें करोड़ों रूपए क्रेडिट हुए।
-तीनों के खिलाफ कई राज्यों में मुकदमें: सर्वटा के अनुसार गणपति, श्यामसुंदर व लक्ष्मण के खिलाफ तीन राज्यों में पहले से मुकदमें दर्ज हैं। वहीं प्रमोद सहित गणपति व श्यामसुंदर के खिलाफ मुंबई में डिजिटल अरेस्ट का मुकदमा अलग से है। बीकानेर में भी सभी के खिलाफ मुकदमें हैं।
प्रमोद की गिरफ्तारी के बाद और भी बड़े रहस्य खुलने की उम्मीद है। संभव है कि प्रमोद की गिरफ्तारी बीकानेर के ओर भी छुपे हुए गैंग सदस्यों को सामने लाए।
RELATED ARTICLES
15 October 2026 02:33 PM
30 May 2020 03:47 PM