28 March 2026 10:27 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर के रासीसर गांव में हुए डीप ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझी तो हर किसी की आंखें फटी की फटी रह गई। गांव से लेकर शहर तक यह केस चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी सच्चाई सुनकर हर कोई स्तब्ध है। रासीसर गांव निवासी 35 वर्षीय अनिल पूनिया पुत्र भगवानाराम विश्नोई के कातिल कोई और नहीं बल्कि उसके दो भाई ही निकले। पुलिस ने 50 वर्षीय जगदीश विश्नोई पुत्र बीरबल राम विश्नोई व रामकुमार विश्नोई पुत्र बीरबल राम विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया।
ये था मामला: अनिल विश्नोई ट्रक ड्राईवर था। वह 22 मार्च की रात घर आया। 23 मार्च की सुबह उसका खून से लथपथ शव घर में ही मिला। उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। जब पुलिस मौके पर पहुंची तब तक यह पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर केस था। पास में कसी पड़ी थी, हत्या के लिए इसी से वार किया गया था। नोखा थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज ने इस केस की जांच शुरू की।
-अवैध संबंध बने हत्या का कारण: पुलिस के मुताबिक मृतक आरोपियों का सगा चचेरा भाई था। सभी एक ही प्लॉट में बने घरों में रहते थे। हत्या की वजह अवैध संबंध थे। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी ने अनिल को अपनी पुत्री के साथ आपत्तिजनक हालात में देख लिया था। इसी वजह से वह अपना आत्म नियंत्रण खो बैठा। दूसरे दिन सुबह जगदीश व उसके भाई रामकुमार ने मिलकर अनिल की हत्या कर दी। आरोपी की पुत्री विवाहित बताई जा रही है। उसका पति सरकारी नौकरी में है तथा देश की सेवा के चलते बाहर रहता है।
-पुलिस को देर से दी सूचना, सबूत मिटाने की आशंका: अनिल हत्याकांड पुलिस के लिए डीप ब्लाइंड मर्डर केस था। पुलिस ने बताया कि परिजनों ने हत्या की ख़बर लगने के 4-5 घंटों के बाद पुलिस को सूचना दी। ऐसे में पुलिस को सबूत इकट्ठा करने में काफी परेशानी हुई। वहीं दोनों आरोपी मौके पर मौजूद थे। वे ही सबसे अधिक बोलते और कहानियां बनाते नज़र आ रहे थे। इसलिए पुलिस को उसी वक्त उन पर शक हो गया। हत्या पर प्रयोग किए गए हथियार कसी पर फिंगर प्रिंट भी नहीं थे। पुलिस ने इस डीप ब्लाइंड मर्डर केस से पर्दा उठाने के लिए परंपरागत तरीके अपनाए। सबूत मिटाए जा चुके थे, इसी वजह से वारदात का खुलासा करने में थोड़ा अधिक समय लगा। बताया जा रहा है कि पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की गई।
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