28 December 2020 04:26 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। पीबीएम में सफाई की ठेकेदार कंपनी आर्मोर सिक्यूरिटीज को बड़ा झटका लगा है। पैसे लेकर भी काम ना करने वाली इस कंपनी को अपनी कामचोरी का हर्जाना टेंडर गंवा के भुगतना पड़ रहा है। हाल ही में हुए नये ठेके की टेंडर प्रक्रिया में आर्मोर के कार्य को असंतोषजनक बताया गया है। इसी असंतोष की वजह से कंपनी को तकनीकी रूप से असक्षम घोषित करते हुए ठेका तीन अन्य फर्मों को दिया गया है। अब आर्मोर ठेका बचाने के लिए कानूनी हथकंडे अपना रही है। हालांकि अधिवक्ता अनिल सोनी ने कंपनी को नये ठेका आदेशों पर स्टे दिलवाने में सफलता हासिल कर ली है। लेकिन सांच को आंच नहीं, सोशल मीडिया पर अपलोड हो चुके कंपनी की कामचोरी के सबूतों पर कंपनी क्या कर पाएगी। जानकारी के अनुसार कंपनी ने अपील में स्वयं को तकनीकी रूप से सक्षम बताया है। भले ही कंपनी कागजी खानापूर्ति पूरी कर दे, लेकिन धरातल पर कंपनी फ्लॉप रही। कोविड काल में जब हर कोई ईमानदारी से सेवा कार्य कर रहा था, उस बुरे समय में भी कंपनी ने पूरे बीकानेर के मरीजों को परेशान किया। बता दें कि कंपनी की इसी कामचोरी की वजह से कोविड अस्पताल में एक मरीज बाथरूम में गिर गया,जिसकी मौत हो गई थी।
बता दें कि कंपनी के खिलाफ सफाई व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें हुईं थी। ख़बरमंडी न्यूज़ ने कोविड काल के दौरान पीबीएम की दुर्दशा व कंपनी की कामचोरी दिखाते सबूतों के साथ लगातार ख़बरें जारी की। ख़बरमंडी न्यूज़ द्वारा अलग अलग समय में पीबीएम में भरी गंदगी के वीडियो बनाए गए थे। जिससे यह साफ हुआ कि कंपनी द्वारा सफाई कार्य जिम्मेदारी के साथ व नियमित नहीं किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि पोस्ट कोविड आईसीयू के उद्घाटन के वक्त तक सफाई कार्य नहीं किया गया। हालात यह हुए कि तीन दिन बाद आईसीयू प्रबंधन को पैसे खर्च करके बाहर से कर्मचारी बुलाना पड़ा।
अब देखना यह है कि स्टे किस तरह से टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करता है।
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