18 July 2026 01:44 PM


ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर से इस वक्त की बड़ी ख़बर सामने आ रही है। गोदभराई का भोज खाने वाले करीब 80 जने बीमार हो गए हैं। मामला फूड पॉइजनिंग का बताया जा रहा है।

फूड पॉइजनिंग का कारण मावा पट्टी के किशन लाल राजेश कुमार अग्रवाल मावा भंडार के मावे को बताया जा रहा है।
शिकायत पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम जांच के लिए पहुंची है। मावा भंडार से सैंपल उठाकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
ये है मामला: 15 जुलाई को बड़ा बाजार के स्वर्णकार भवन में जेल वेल निवासी मनोज कुमार सोनी की पुत्र वधू सिमरन सोनी पत्नी गौरव सोनी की गोदभराई का कार्यक्रम आयोजित हुआ। शाम को भोज भी रखा गया। भोज में 180 मेहमान आए।
मनोज कुमार के पुत्र सूर्या के अनुसार भोजन में मोतीपाक, गंडेरी, मलाई कोफ्ता की सब्जी, मिर्ची का अचार, दही बड़ा आदि आइटम रखे गये थे।
गंडेरी राजेश वाले से लाए, दही रामा मोदी से जबकि मावा किशन लाल राजेश कुमार अग्रवाल मावा भंडार से लाए। सूर्या के अनुसार दो बार में कुल 15 किलो मावा लाए। यह मावा मोतीपाक व मलाई कोफ्ता की सब्जी में प्रयुक्त हुआ।
-मावा पट्टी का मावा राडार पर: फूड इंस्पेक्टर भानु प्रताप के अनुसार मावा पट्टी स्थित किशन लाल राजेश कुमार मावा भंडार का मावा शक के दायरे में है।
मावे की मिठाई से फूड पॉइजनिंग होने की आशंका रहती है। चूंकि मोतीपाक व मलाई कोफ्ता की सब्जी में यही मावा काम में लिया गया, मावा भंडार के मावे का सैंपल लिया जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है।
बता दें कि मोतीपाक में अक्सर फंफूद लगने की शिकायतें मिलती है। इसकी वजह, इसकी मेकिंग प्रोसेस होती है।
-80 जने बीमार, गर्भवती भी चपेट में, आयोजकों की हो रही खिंचाई: बता दें कि इस फूड पॉइजनिंग में मनोज कुमार के परिवार के आठ सदस्य भी बीमार हुए हैं। पुत्रवधू सिमरन भी बीमार हुई है। वह सात माह की गर्भवती है। आस-पड़ोस, समाज व परिवार के करीब 80 जने बीमार हुए हैं।
सूर्या का कहना है कि वे तो बड़े भरोसे से किशन लाल से मावा लाए। उन्हें क्या पता कि मावा जहर बन जाएगा।
बता दें कि मनोज कुमार का यह फंक्शन 15 जुलाई को हुआ। इसी दिन श्रीराम सर निवासी भोजराज कुमावत के यहां आयोजित भोज में शामिल होने वाले लोग भी बीमार हो गये।
फूड इंस्पेक्टर को सूचना मिली थी कि खारी गांव में फूड पॉइजनिंग हुई है। जांच करने पर पता चला कि खारी गांव के लोग श्रीराम सर आए थे। वे बीमार हो गये।
भोजराज के पुत्र व पुत्री की 22 जुलाई को शादी है। कार्यक्रम चल रहे हैं। 15 जुलाई की शाम को मेहमानों ने भोजन किया और अगले दिन बीमार हो गये। एक दो एडमिट भी हुए।
फूड इंस्पेक्टर भानु प्रताप के अनुसार भोजराज पास की ही हर्षिता स्वीट से एक किलो पीली वाली चमचम लाए थे। परिवार का कहना है कि चमचम से 11 जनों के फूड पॉइजनिंग हुई।
यहां के भोज में पीले वाले मीठे चावल, चमचम, मिर्ची की सब्जी व रोटी थी।
फूड विभाग ने हर्षिता स्वीट्स के स्टॉक में पड़ी 11 टिन चमचम कोल्ड स्टोर में रखवा दी है। चमचम के सैंपल जांच हेतु भेजे गए हैं। जांच के बाद ही आरोपी की पुष्टि होगी।
हालांकि चमचम के मामले में सवाल यह भी है कि भोजराज ने केवल एक किलो चमचम ली थी। जबकि दुकानदार ने और भी चमचम बेची। अन्य कहीं से चमचम खाने से बीमार होने की शिकायत नहीं आई। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
-15 जुलाई का दिन था खराब, किसी की चमचम तो किसी मावा राडार पर: बताया जा रहा है कि श्रीराम सर व बड़ा बाजार दोनों ही जगह भोज 15 जुलाई को हुआ था। ये इत्तेफाक ही है कि इस दिन आयोजित दोनों फंक्शन भोजन का आनंद लेने वालों के लिए दुखदाई साबित हुए।
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