12 February 2021 05:10 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। पीबीएम में गरीबों का खून चूसने वाली लूटमार गैंग को अब अपने किए की सजा मिल सकती है। ख़बरमंडी न्यूज़ द्वारा लगातार मामला उजागर किए जाने के पश्चात पीबीएम अधीक्षक डॉ परमेंद्र सिरोही ने मामले में प्राथमिक जांच के बाद एक जांच कमेटी गठित कर दी है। अधीक्षक के आदेशानुसार वरिष्ठ आचार्य शल्य चिकित्सा विभाग डॉ अशोक परमार इस कमेटी के अध्यक्ष हैं। वहीं जिला मुख्य नर्सिंग अधीक्षक डॉ साबिर हुसैन को इस कमेटी में सदस्य बनाया गया है। दो सदस्यीय इस कमेटी को सर्जरी विभाग के डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की प्राइवेट लैब से सांठगांठ की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
उल्लेखनीय है कि दिसंबर माह में सर्जरी विभाग में भर्ती हुए एक मरीज की तीन अलग अलग दिवस में करीब आठ हजार रूपए की जांचें करवाई गई। ये सभी जांच गंगानगर लैब से हुईं, जिसमें सर्जरी विभाग के एक डॉक्टर की मिलीभगत उजागर हुई। वहीं इसी विभाग के एक नर्सिंग अर्पित शर्मा का इस लैब से नाता सामने आया। सूत्रों के मुताबिक अर्पित अपनी ही लैब में गरीब मरीजों की जांचें करवाता है जिसमें विभाग के डॉक्टर की मिलीभगत होती है। पैसा कमाने के लालच में यहां एक माह में पांच हजार कमाने वाले गरीब से केवल दो पांच दिन में ही दो तीन माह की तनख्वाह के बराबर की राशि की धूल मिट्टी करवा दी जाती है। ये सब तब हो रहा है जब राजस्थान सरकार ने पीबीएम में सभी प्रकार की जांचों की मुफ्त सुविधा दे रखी है। ऐसे में आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ ही नहीं मिल पाता, परिणामस्वरूप सरकार पर से आमजन का विश्वास उठता है और आमजन के लिए काम करने के बावजूद सरकार की प्रतिष्ठा की मिट्टी पलीद होती है। ख़बरमंडी न्यूज़ के पास डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की मिलीभगत के सबूत उपलब्ध हैं। अब देखना यह है कि जांच कमेटी अपने दायित्व का निर्वहन करती है या आरोपियों का रक्षा कवच बनती है।


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