16 August 2026 10:22 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। (पत्रकार रोशन बाफना की विशेष रिपोर्ट) 15 अगस्त को हमारा स्वतंत्रता दिवस होता है और इस दिन को राजस्थान में ड्राई डे यानी सूखा दिवस घोषित किया हुआ है। सूखा दिवस से मतलब अगर आपके पास पहले से शराब है तो आप गला तर कर सकते हैं मगर इस दिन शराब की बिक्री और शराब परोसने पर रोक है।
बीकानेर सिटी में 15 अगस्त को शराब की बिक्री जमकर हुई। बीकानेर की नत्थूसर घाटी, गंगाशहर नया बस स्टैंड के पास, गंगाशहर रोड़ की महाराजा, रानी बाजार पुलिया के पास की वाइन शॉप, अंबेडकर सर्किल वाली शराब की दुकान, मॉर्डन मार्केट के पास सर्किल वाली महाराजा से लेकर बीकानेर के चप्पे चप्पे पर सूखा दिवस पर शराब की बिक्री हुई।
-थकान में था प्रशासन, सोचा थोड़ा रुक कर लगाएं ख़बर: अब आप सोच रहे होंगे कि आज तो 16 अगस्त है, फिर 15 अगस्त की रात की ख़बर 16 अगस्त की रात को क्यों लगाई जा रही है। दरअसल, 14 व 15 अगस्त को मुख्यमंत्री बीकानेर दौरे पर थे। ऐसे में प्रशासन, पुलिस व आबकारी पुलिस आदि सारा सिस्टम मुख्यमंत्री की ड्यूटी बजाने में व्यस्त था। तो सोचा थोड़ा रुक जाते हैं। अब सबकी थकान उतर चुकी है तो इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सब ध्यान दे सकते हैं।
-जब रोक नहीं सकते तो क्यूं करते हैं देश के प्रति नागरिक भावना का अपमान: ड्राई डे की घोषणा के पीछे मूल भावना देशभक्ति की है। किसी त्योहार पर शराब बिक्री पर रोक लगाई जाती है। स्वतंत्रता दिवस तो भारत का उत्सव ही है। ऐसे में राजस्थान में इस दिन को ड्राई डे घोषित किया हुआ। लेकिन सवाल यह है कि हमारा सरकारी तंत्र जब नियमों की रक्षा नहीं कर सकता तो ये दिखावे के नियम बनाए क्यों गये हैं?
-आबकारी नहीं निभाता ड्यूटी, ठेकों की बल्ले बल्ले: वैसे तो रात आठ बजे बाद शराब बिक्री पर रोक होने के बावजूद रोज शराब बिकती है। लेकिन स्वतन्त्रता दिवस पर ड्राई डे के बावजूद शराब बिकना शर्मनाक है।
एक ठेके पर शराब बिकती तो इसे चूक समझ लेते, मगर यहां तो लगभग सभी ठेकों पर शराब की बिक्री हुई है। बार भी शराब परोसने में पीछे नहीं रहे। गंगाशहर जैन कॉलेज बस स्टैंड वाले बार पर भी शराब परोसी जा रही थी। अधखुला शटर सबको दिख रहा था और बार के आगे खड़ी गाड़ियां भी दिखने से नहीं बची।
-क्या होगी कार्रवाई, हमारे पास है वीडियो: पत्रकारिता ने तो ख़बर लगाकर अपना काम कर दिया है। अब सवाल यह है कि क्या हमारा सरकारी तंत्र सूखा दिवस पर शराब बेचने वालों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई करेगा? जांच तो आबकारी पुलिस पर भी बैठनी चाहिए। आख़िर वह कहां थी जबकि ठेके भी खुले थे, वहां खरीददारों की भीड़ भी लगी थी। अब ये बहाना तो शायद नहीं बनाया जाएगा कि रात हो गई थी तो सो गये थे। अरे! भाई, आबकारी की असल ड्यूटी ही रात आठ बजे शुरू होती है। इसी समय तो नियम विरुद्ध व अवैध शराब की बिक्री होती है। सूखा दिवस पर तो रात 12 बजे शराब की बिक्री देखी गई।
ठेके वाले भी बड़े होशियार है। पास वाले प्लॉट में निकले साइड डोर, नाले व आसपास की दुकानों से शराब सप्लाई चालू रखते हैं। मज़े की बात यह बात कच्चे बच्चे को पता होती है। अब देखना यह है कि हमारा सिस्टम इन सिस्टम तोड़ने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है। देखें वीडियो
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