22 July 2026 11:47 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। पूगल रोड़ पर चलती बोलेरो के बोलेरो से टक्कर मारने के मामले में बीछवाल पुलिस ने खतरनाक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं हिस्ट्रीशीटर के साथ वारदात में शामिल एक नाबालिग को भी निरुद्ध कर लिया गया है।
बीछवाल थानाधिकारी दिगपाल सिंह के अनुसार आरोपी की पहचान ख्वाजा कॉलोनी, मुक्ता प्रसाद नगर थाना क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय सुल्तान खां पुत्र अली खां के रूप में हुई है।
ये था मामला: थानाधिकारी दिगपाल सिंह के अनुसार भुट्टों का बास निवासी 28 वर्षीय बाबू खान पुत्र मीमुखान ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया।
परिवादी द्वारा पुलिस को दी रिपोर्ट के अनुसार 19 जुलाई की रात परिवादी बाबु खान अपने जानकार बुधराम विश्नोई, उसकी पत्नी, पुत्र, तीजा महावीर आदि के साथ अपनी बोलेरो में भरूखीरा स्थित बुधराम के खेत गए थे।
रात करीब सवा आठ बजे जब वापिस लौट रहे थे तो बोलेरो में सवार होकर आए सुल्तान खां, रेल माता मंदिर के पास रहने वाला देवीसिंह, शोभासर निवासी साजिद लोदरा, रणधीसर हाल भुट्टों का बास निवासी निजाम अली आदि ने परिवादी की बोलेरो को पीछे से व साइड से टक्करें मारी।
बचाव में परिवादी ने लाइसेंसशुदा दुनाली बंदूक दिखाकर डराने पर आरोपी भाग गये। यह घटना पूगल रोड़ शोभासर चौराहे के पास हुई।
-सुल्तान के साथियों की तलाश: मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि आरोपी सुल्तान व परिवादी बाबू खां आपस में सगे मामा-बुआ के लड़के हैं। दोनों भाईयों में ज़मीनी विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने जानलेवा हमला किया।
-आरोपी है हिस्ट, 17 मुकदमें हैं दर्ज: पुलिस के अनुसार आरोपी सुल्तान हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ 17 मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी पर एनडीपीएस एक्टर, आबकारी एक्ट व मारपीट के मुकदमें दर्ज हैं।
नशा तस्करी में आरोपी बार बार जेल जा चुका है। इस वारदात में प्रयुक्त बोलेरो भी बिना नंबरी थी। पुलिस ने बोलेरो जब्त कर ली। पुलिस को बोलेरो में दो लोहे के जीआई पाइप व कट्टे में छिपाकर रखी एक लाठी मिली है।
पुलिस आरोपी से अनुसंधान कर रही है। अभी और भी आरोपी गिरफ्तार किए जाएंगे। एक दो हिस्ट्रीशीटर अभी गिरफ्तार हो सकते हैं।
-बाबू आख़िर क्यों रखता है बंदूक: सब इंस्पेक्टर राजकुमार के अनुसार परिवादी बाबू जमीनों का काम करता है। उसके पास बंदूक का लाइसेंस है।
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि परिवादी को आख़िर ऐसी क्या जरूरत पड़ती है कि उसे बंदूक का लाइसेंस मिला हुआ है। इस विषय पर भी पुलिस को जांच करनी चाहिए।
-उल्लेखनीय है कि उक्त कार्रवाई एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन, आईपीएस अनुष्ठा कालिया व एएसपी सिटी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ के सुपरविजन व थानाधिकारी दिगपाल सिंह के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर राजकुमार मय टीम ने की।
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