17 September 2020 05:00 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। कोरोना काल की परेशानियों के बीच पीबीएम अस्पताल के एक ठेकेदार की वजह से करीब 40-50 परिवार दाने दाने के मोहताज हो गये हैं। दरअसल, आर के मानव संस्थान नाम की फर्म के पास कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए निविदा पर कर्मचारी उपलब्ध करवाने का ठेका है। इसी के तहत पीबीएम के अलग अलग विभागों में करीब 40-50 युवा सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन फर्म का प्रोपराइटर रामकिशन विश्नोई इन युवाओं को लंबे समय से सैलरी नहीं दे रहा है। नाम ना बताने की शर्त पर कुछ कर्मचारियों ने हमसे शिकायत की। इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अप्रेल माह से सैलरी नहीं मिली है।
कुछ कर्मचारियों को इससे भी अधिक समय से सैलरी नहीं मिली है। मामले में आर के मानव संस्थान के संचालक रामकिशन विश्नोई से कई बार बात की गई, लेकिन हर बार यही जवाब मिलता है कि बिल पास नहीं हुआ। सरकारी पेमैंट का बिल पास न होने के बहाने से ये संस्थान इन कर्मचारियों को परेशान कर रहा है। सामान्य परिवारों से आने वाले इन कर्मचारियों की सैलरी अटक जाने से घर चलाने में परेशानी आ रही है। कोरोना काल में कहीं से ले देके भी घर चलाया नहीं जा सकता। तो वहीं फर्म बहानों के जाल में कर्मचारियों को फंसाए हुए हैं। जानकारों का कहना है कि सैलरी रोकना ठेके की शर्तों का उल्लघंन है, क्योंकि ठेके उन्हीं को दिए जाते हैं जो सक्षम हो। सरकार से पेमैंट न मिलने की स्थिति में भी कर्मचारियों का भुगतान नहीं रोका जा सकता। ऐसे में आर के मानव संस्थान द्वारा कोरोना के बीच की जा रही इस अमानवीय हरकत के खिलाफ कड़ा एक्शन किया जाना चाहिए।
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