15 January 2022 07:44 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। नोखा नगर पालिका की ढ़िलाई की वजह से कोरोना योद्धाओं को अपनी तनख्वाह तक नसीब नहीं हो रही है। बीकानेर जिले के करीब 20 सीएचए अब भी सात माह की सैलरी की आस लगाए बैठे हैं, वहीं आठवें माह की सैलरी भी 14 दिन बाद बकाया हो जाएगी।
दरअसल, जिले में करीब 810 सीएचए लगाए गए थे। जिनकी सैलरी के मुद्दे पर लगातार विभागीय उदासीनता छाई रही। दिवाली भी फीकी निकली तो ये कर्मचारी रोजगार करते हुए भी बेरोजगारों की तरह कर्जदार हो गए।वित्त विभाग ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए जिला परिषद, बीकानेर नगर निगम व नगर पालिकाओं की जिम्मेदारी तय कर दी। नवंबर में जारी आदेशानुसार इन सभी को दिसंबर तक की सैलरी देनी थी। दिवाली के बाद ग्रामीण इलाकों में लगे कर्मचारियों को जिला परिषद ने नवंबर तक का भुगतान कर दिया। हाल ही में श्रीडूंगरगढ़, देशनोक व बीकानेर नगरीय क्षेत्र के कर्मचारियों को भी अक्टूबर तक का भुगतान कर दिया गया। मगर नोखा नगर पालिका अब तक संवेदनहीन बने बैठी है। इसके अधीन करीब 20 कर्मचारी आते हैं, जिनका भुगतान पालिका के माध्यम से होना है।
बता दें कि निगम व पालिकाओं द्वारा सीएमएचओ ऑफिस को फंड ट्रांसफर किया जाना था। नोखा पालिका ने फंड नहीं भेजा। अब सोमवार का आश्वासन दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिन कर्मचारियों को भुगतान मिल चुका है, जनवरी पूरी होते ही उनकी भी 2-3 माह की सैलरी बकाया हो जाएगी। अब अगली सैलरी कितने माह बाद दी जाएगी, यह भी कुछ कहा नहीं जा सकता।
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