04 July 2026 08:07 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। (पत्रकार रोशन बाफना की रिपोर्ट) 16 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में देशनोक निवासी दो युवकों को न्यायालय ने मौत होने तक कैद की सजा सुनाई है।
आरोपी वार्ड नंबर 20, नरसिंहों का बास, देशनोक निवासी 24 वर्षीय अभयदान पुत्र पूनमचंद व 26 वर्षीय कालूदान पुत्र नारायणदान के खिलाफ अगस्त 2019 में देशनोक थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
आरोपियों के खिलाफ धारा 363, 366ए, 506, 376(2(i), 376 डी ए आईपीसी, धारा 3/4, 5(g)/6 यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम एवं 67क सूचना प्रौद्योगिकी के मुकदमा दर्ज हुआ। मामले की जांच आरपीएस चंद्रप्रकाश पारीक ने की।
ये थे आरोप: पीड़िता ने आरोप लगाया कि अजयदान व कालूदान उसे काफी समय से स्कूल जाते समय छेड़ रहे थे। 22 अगस्त की दोपहर में जब वह पापा को टिफिन देकर लौट रही थी तो आरोपियों ने उसे पकड़ लिया।
उसका मुंह बंद कर सामने वाले सूने मकान में ले गए। जहां अजयदान ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वहीं कालूदान ने दुष्कर्म का वीडियो बनाया। वह रोने लगी तो उसे धमकाया कि किसी को बताया तो वीडियो लोगों को बता देंगे।
इसी मामले में न्यायालय ने व्यपहरण व सामुहिक बलात्कार करने का आरोप सिद्ध माना। न्यायालय ने अजयदान को धारा 363, 366ए, 506, 376 डीए व 376(2)(आई) के तहत दोषी मानते हुए सभी धाराओं के तहत दंड सुनाया।
इसमें सर्वाधिक दंड 376 डीए के तहत सुनाया गया है। इसके तहत अजयदान को प्राकृतिक रूप से मृत्यु होने तक कठोर कारावास में रहना होगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न धाराओं में कुल एक लाख रूपए का जुर्माना भुगतना होगा।
वहीं कालूदान को धारा 363, 366ए, 506 व 376डीए के तहत दोषी मानते हुए कठोर कारावास का दंड सुनाया है। इसमें 376डीए के तहत सर्वाधिक दंड भुगतना होगा। यह दंड प्राकृतिक मृत्यु होने तक आजीवन भुगतना होगा। वहीं विभिन्न धाराओं के तहत कुल 75 हजार रूपए जुर्माना भी देना होगा।
न्यायालय ने आरोपियों से मिलने वाले कुल एक लाख 75 रूपए पीड़िता को देने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011 के तहत पीड़िता को चार लाख रुपए प्रतिकर राशि दिलाने की अनुशंसा की है।
उल्लेखनीय है कि यह आदेश विशेष न्यायालय, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 तथा बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005, संख्या 2, बीकानेर की पीठासीन अधिकारी डॉ मनीषा चौधरी ने सुनाया है। पीड़िता की तरफ से पैरवी एडवोकेट रविकांत वर्मा, पंकज परिहार, मानवेन्द्र सिंह व रामनिवास आचार्य ने की। वहीं विशिष्ट लोक अभियोजक शिवचंद भोजक थे।
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