31 January 2026 10:54 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। बांठिया चौक, मावा पट्टी निवासी सुरेश चंद बांठिया के घर में घुसकर महिला का गला दबाकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले व्यापारी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान हमालो का मोहल्ला, बड़ा बाजार हाल गोपेश्वर बस्ती निवासी 44 वर्षीय मोहम्मद आरिफ पुत्र हाजी अब्दुल रहमान के रूप में हुई है। आरोपी को पुलिस ने रामदेव कटला स्थित उसी की दुकान से बापर्दा गिरफ्तार किया। उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भिजवा दिया गया है। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेगी।
ये था मामला: 27 जनवरी की शाम सुरेश चंद पड़ोस में ही अपने रिश्तेदार के यहां भोजन करने गए थे। वहीं उनकी पत्नी पुष्पा देवी भोजन करके घर आ चुकी थ। दूध वाला दूध देकर निकल रहा था, इसी दौरान एक नकाबपोश व्यक्ति घर में घुसा। उसने सुरेश भाईजी से मिलने की बात कही और अंदर आने वगा। पुष्पा देवी ने अंदर के कमरे से उसे अंदर आने की मनाही की मगर आरोपी नहीं माना और अंदर घुस गया। पुष्पा देवी कमरे के दरवाजे तक आई, आरोपी ने सुरेश बांठिया के नंबर मांगे, पुष्पा देवी ने कहा, आप चले जाओ, वह घर पर नहीं है। देखते ही देखते आरोपी ने पुष्पा की गर्दन पकड़कर उन्हें आंगन में पटक दिया। इसके बाद वह उनके ऊपर बैठकर उनका गला दबाने लगा। पुष्पा देवी बेहोश हो गई। आरोपी गले में पहनी सोने की चेन और कंगन लूटकर फरार हो गया। कुछ देर बाद सुरेश बांठिया घर लौटे तो पुष्पा देवी बेहोश मिली। उन्हें होश में लाया गया। लूट की बात पता चलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
-कर्ज ने बनाया व्यापारी को लुटेरा: कोतवाली थानाधिकारी सविता डाल ने बताया कि आरोपी को बापर्दा गिरफ्तार किया गया था। उससे विस्तृत पूछताछ अभी बाकी है। उसने जुर्म कबूल कर लिया है। उसे जेसी करवा दिया है। अब उसे पुलिस रिमांड पर लेंगे। पुलिस रिमांड पर और खुलासे होंगे। वहीं लूटे गए गहनों की बरामदगी भी की जाएगी।
-किराये लेने गया था दुकान और मिल गया लूट का मौका: आरोपी आरिफ की रामदेव कटलेट में पोशाक की दुकान है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी अच्छा सेल्समैन भी है। पिछले दो माह से दुकान भी ठीक-ठाक चल रही थी। लेकिन उस पर कर्जा है। कुछ समय पहले भी गहने बेचकर कर्ज चुकाने की बात चर्चा में है।
-पुलिस को बताई ये कहानी: सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने पुलिस को बताया है कि वह सुरेश बांठिया की दुकान किराये पर लेना चाहता था। उसी की बात करने उनके घर गया। सुरेश बांठिया घर पर नहीं थे, उनकी पत्नी अकेली थी। उनके गले में सोने की चेन और हाथ मेन कंगन देखे तो दिमाग खराब हो गया। सोचा सोना बेचकर कर्ज चुका देंगे। किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। बता दें कि सोने के भाव इन दिनों आसमां पर है।
-लूट के इरादे से घुसा था घर में: आरोपी ने भले ही लूट की वारदात को पूर्व नियोजित ना बताया हो लेकिन कुछ चीजें वारदात के पूर्व नियोजित होने की ओर इशारा करती है। बताया जा रहा कि आरोपी 27 जनवरी से पहले भी सुरेश बांठिया के घर आ चुका था। दरअसल, सुरेशचंद के घर में सड़क की ओर दुकान है। आरोपी इसी दुकान को किराए पर मांगने के लिए पहले भी आया था मगर सुरेश चंद ने देने से मना कर दिया।
बताया जा रहा है कि पहले दो बार जब वह सुरेश चंद के यहां था तब मोटरसाइकिल घर के आगे खड़ी थी, जबकि वारदात की रात आरोपी ने मोटरसाइकिल 3-4 घर दूर स्थित प्रिंस हवेली के आगे खड़ी की। इसके अतिरिक्त वह नकाबपोश होकर आया था। अगर वारदात का इरादा नहीं था तो नकाबपोश होकर आने की क्या जरुरत थी?
इत्तेफाक कहें या रेकी मगर यह बात भी काबिले गौर है कि सुरेश चंद घर से बाहर बहुत ही कम जाते हैं। वह 7-8 दिनों में एक बार घर से निकलते हैं।आरोपी ठीक उसी दिन और उसी वक्त घर में घुसा जब सुरेश चंद घर से बाहर थे और उनकी धर्मपत्नी पुष्पा देवी घर में अकेली थीं।
-नीयत नहीं थी खराब, इज्जत पर आ गई थी बात: बात यह भी चर्चा में है कि आरोपी लंबे समय से कर्जे में था। वह कर्जा चुकाने के लिए हाथ पांव मार रहा था। हालांकि कर्जा कैसे हुआ यह बात अभी पर्दे में है। चर्चा है कि आरोपी विदेश में बैठे रिश्तेदारों से भी पैसा ले चुका था। इसी वजह से अब तक साफ रहे रिकॉर्ड को खराब करते हुए लुटेरा बन गया।
उल्लेखनीय है कि बीकानेर में बेरोज़गारी, कामचोरी, नशा व जुआ-सट्टा समाज में बढ़ रहे अपराधों का बड़ा कारण है।
-ये थी आरोपी को खोज निकालने वाली टीम: उल्लेखनीय है कि इस गंभीर वारदात के तुरंत बाद ही आईजी हेमंत शर्मा व एसपी कावेंद्र सिंह सागर के निर्देशों पर एएसपी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ व सीओ सिटी अनुज डाल के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी सविता डाल ने नाकाबंदी करवाते हुए पुलिस टीमों को वारदात का खुलासा करने हेतु लगा दिया था। आरोपी को वारदात के 36 घंटों के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली सविता डाल मय टीम में हैड कांस्टेबल महावीर सिंह 250, कांस्टेबल महेंद्र 746, कांस्टेबल भागीरथ 448, कांस्टेबल विजय 873, कांस्टेबल शिवराज 382, कांस्टेबल प्रीतम 424, कान्स्टेबल कपिल 1504, कांस्टेबल हंसराज 1575 व कांस्टेबल कपिल नयाशहर पुलिस शामिल थे। महेंद्र 746 व नयाशहर पुलिस के कांस्टेबल कपिल की विशेष भूमिका रही।
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