28 May 2026 03:27 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। हम अभी हाइटेक युग में जी रहे हैं। ऐसा युग जहां सबकुछ एडवांस से अधिक एडवांस हो चुका है। लेकिन बिजली की सुविधा में युग के अनुसार परिवर्तन नहीं आया है। आज भी आधी रात को कई घंटों तक जनता को बिजली का अभाव भोगना पड़ता है। दिन की बात अलग है। रख रखाव के नाम पर बिजली कटौती भी अलग है। यह नगर की बात है, तो सोचिए गांवों का क्या होता होगा, जहां सरकारी तंत्र काम कर रहा है।
बीकानेर में बिजली सप्लाई व रख-रखाव का ठेका बिजली कंपनी बीकेईएसएल के पास है। लेकिन यह कंपनी भी संतोषजनक सेवाएं नहीं दे पा रही है। सबसे बड़ी समस्या बिजली कटौती की है। कंपनी रख रखाव के नाम पर निरन्तर बिजली कटौती करती है। इसके बावजूद बत्ती गुल ही रहती है।
बीती रात गंगाशहर के चौपड़ा बाड़ी इलाके में भी ऐसा ही हुआ। भैरूंजी मंदिर के पीछे के इलाके में एक फेस उड़ गया। 10:30 बजे लाइट चली गई। शिकायतें की गई मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
-बिजली विभाग पर लगा था ताला, ढ़ाबे पर चाय की चुस्कियां ले रहे थे कर्मचारी: गौतम सोनी ने बताया कि जब 3:30 तक समाधान नहीं हुआ तब मोहल्ले के 5-7 व्यक्ति भीनासर स्थित बिजली विभाग के कार्यालय गये। मगर वहां तो ताला लगा था। लौटते समय सामने स्थित हाजी ढ़ाबे पर विभाग की गाड़ी दिखी। जहां कर्मचारियों से बात की।
गौतम ने बताया कि कर्मचारियों को जब कहा कि विभाग कार्यालय में ताला लगा है, इसका हमने वीडियो बना लिया है। इतनी देर तक फॉल्ट ठीक करने कोई नहीं आया। यह सारी बात मीडिया में दी जा रही है।
इस पर कर्मचारी तुरंत ही मौके पर चलकर समाधान करने को तैयार हो गये। रात 2:45 बजे बिजली सुचारू हुई।
-टोल फ्री पर होती है शिकायत मगर फिर नहीं मिलता कोई जवाब, ढ़ीली है सर्विस, परेशान पब्लिक: बीकेईएसएल की सेवा में काफी ढ़िलाई है। अधिकतर शिकायत का समाधान अपेक्षा से काफी देर बाद होता है। बीती रात भी यही हुआ। जबकि कर्मचारी ढ़ाबे पर चाय की चुस्कियां ले रहे थे।
-पहले रात भर खुला रहता था बिजली घर, अब नहीं सुविधाएं: देखा गया है कि बिजली कंपनी अपनी जवाबदेही से हमेशा दूर भागती रही है। जब बिजली कंपनी नहीं थी तब बिजली घर में रात भर कर्मचारी होते थे। उस समय सुविधाएं कम थी, लेकिन जनता को यह पता था कि अगर समाधान ना हो तो कर्मचारी कहां मिलेंगे।
अब सुविधाएं पूरी है मगर बिजली घर में रात को ताला रहता है। टोल फ्री केवल शिकायत दर्ज करता है। ऐसा भी देखा जाता है कि शिकायत दर्ज होने के बाद अपडेट हेतु पुनः कॉल किया जाए तो कॉल ही कनेक्ट नहीं होता। कुल मिलाकर सबकुछ इकतरफा है।
-रख-रखाव के नाम रोज कटौती फिर भी नहीं झेल पा रही लोड: बिजली कंपनी बीकेईएसएल बीकानेर शहर का लोड ही नहीं झेल पा रही। रख-रखाव यानी मेंटनेंस के नाम पर प्रतिदिन घंटों तक बिजली कटौती करने के बावजूद हाल बेहाल है। सेवाएं दिनभर में कई बार ठप्प पड़ जाती है।
सवाल पूछो तो यही बात की लोड अधिक है। अगर निजीकरण के बावजूद खपत के अनुसार लोड उठाने की क्षमता नहीं है तो जनता को लुटवाने की कहां जरूरत है। देखें वीडियो
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