21 July 2026 04:50 PM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। पाकिस्तान से हथियारों का जखीरा लाने के मामले में फरार चल रहे 25-25 हजार के ईनामी बदमाशों को आईपीएस अनुष्ठा कालिया की टीम ने धर-दबोचा है।
आरोपियों की पहचान सुकेरा बोदला, सदर थाना क्षेत्र, जलालाबाद, फाजिल्का, पंजाब निवासी 28 वर्षीय करण सिंह पुत्र चन सिंह रायसिख व ढ़ाणी कड़ाका सिंह, चौकी पक्का सीड फार्म, सदर थाना क्षेत्र, अबोहर, फाजिल्का, पंजाब निवासी 30 वर्षीय गुरकिरत सिंह पुत्र बख्शीश सिंह के रूप में हुई है।
ये था मामला: 27 फरवरी 2026 को खाजूवाला में ड्रोन डंपिंग हुई थी। यह ड्रोन पुलिस के हाथ लगा। इसमें पांच पिस्टल व 325 राउंड फायर मिले। राउंड अलग अलग साइज के थे।
राउंड के पैकेट्स पर उर्दू में मेन्यूफेक्चरर का नाम लिखा था। यह ड्रोन पाकिस्तान से भारत की सीमा में आया। इसी मामले की जांच सीओ सदर प्रशिक्षु आईपीएस अनुष्ठा कालिया को दी गई।
-पूर्व में भी हुई गिरफ्तारी: मामले में पूर्व में अबोहर, पंजाब निवासी सोनू को गिरफ्तार किया गया। इसको प्रॉडक्शन वारंट पर जेल से गिरफ्तार किया गया था।
आरोपी 10 किलो हेरोइन की तस्करी के मामले में आज भी जेल में बंद है। पूछताछ में करण सिंह व गुरकिरत सिंह का नाम सामने आया।
-आईपीएस अनुष्ठा कालिया ने पंजाब भेजी टीम: करण सिंह व गुरकिरत फरवरी से मामले में फरार चल रहे थे। उनकी काफी तलाश की गई मगर वह नहीं मिले।
हाल ही में उनके फाजिल्का जिले में होने के इनपुट मिले थे। इस पर डीएसटी के एएसआई महावीर सिंह, खाजूवाला थाने के एएसआई बाबूलाल यादव व जयनारायण व्यास कॉलोनी थाने के कांस्टेबल हरफूल यादव की टीम को पंजाब भेजा गया।
टीम ने दोनों आरोपियों के गांव से लेकर आसपास के गांवों में खूब तलाश की। तीन दिन पहले करणसिंह को उसके मामा के गांव मालम से पकड़ लिया गया।
वहीं गुरकिरत को रविवार को उसके ननिहाल खर्ड से पकड़ लिया गया। यह गिरफ्तारी काफी चैलेंजिंग थी। जिसमें महावीर, बाबूलाल व हरफूल की कड़ी मेहनत रही। रिस्क भी उठाना पड़ा।

पता चला है कि गुरकिरत चावल के खेत में दौड़ पड़ा। उसके पीछे काफी दौड़ना पड़ा। वह खेत के बड़े नाले में कूद गया। कांस्टेबल हरफूल को भी कीचड़ में कूदना पड़ा। सोमवार को दोनों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया।
-आरोपियों का बैकग्राउंड खतरनाक, गुरूद्वारे में सोता था आरोपी: करण सिंह व गुरकिरत बेहद ख़तरनाक इलाके से ताल्लुक रखते हैं। करण सिंह सुकेरा बोदला का है, यह जलालाबाद का सबसे ख़तरनाक गांव है।
वहीं जलालाबाद नशे व हथियार तस्करी का गढ़ है। यहां से किसी को पकड़कर लाना ही भारी काम है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी गुरकिरत फरारी के दौरान गुरूद्वारे में सोता।
लंगर में खाना खाता। कभी कभी खर्ड में अपने ननिहाल आता। इसी तरीके से करण ने भी फरारी काटी। जलालाबाद भी पाकिस्तान बॉर्डर के समीप का इलाका है। ऐसे में यहां इस तरह की आपराधिक गतिविधियां होती रहती है।
-एसपी के कड़े निर्देश, बड़ा चैलेंज निभाया: मामला पाकिस्तान से हथियार लाने का होने के कारण बेहद गंभीर थी। इसी वजह से एसपी मृदुल कच्छावा ने जांच आईपीएस अनुष्ठा कालिया को सौंपी। अभी पूछताछ जारी है। पूछताछ में काफी खुलासे होंगे।
-किसने मंगवाए हथियार, किसको होने थे सप्लाई: इस पूरे मामले में दो सवाल सबसे बड़े हैं। पहला, खाजूवाला में हथियार मंगवाने वाला मुख्य व्यक्ति कौन था। जेल में बंद सोनू पर संदेह गहरा है।
इसके खिलाफ पहले से कई मुकदमें हैं। जबकि करण व गुरकिरत पर अभी तक ज्यादा मुकदमें नहीं है। करण के खिलाफ एक दारू व एक चिट्टा तस्करी का मुकदमा पहले से दर्ज है। वहीं दूसरा सवाल यह है कि यह हथियार किसको सप्लाई होने थे।
ये सीधे किसी गैंग को सप्लाई होने थे या हथियार तस्करों को दिए जाते। पांच पिस्टल के साथ 325 राउंड होना बड़ी बात है। ऐसे में मामले की तह तक जाना पुलिस के लिए बेहद जरूरी है। इस बीच एक सवाल यह भी है कि आरोपियों ने इससे पहले कितनी बार ये हथियार मंगवाए हैं।
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