02 May 2026 11:10 AM

ख़बरमंडी न्यूज़, बीकानेर। गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल में लगे कंप्यूटर ऑपरेटर, फार्मासिस्ट व सिक्योरिटी गार्ड सहित 37 कर्मचारियों को सैलरी ना मिलने का मामला अब आंदोलन का रूप ले चुका है। पीड़ित कर्मचारियों ने आज गंगाशहर अस्पताल परिसर में धरना लगाया है। ये सभी कर्मचारी पन्नाधाय नाम की कंपनी के मार्फत नौकरी पर लगे हुए हैं।
-पीएफ में गड़बड़ी, सैलरी रुकी पड़ी: कर्मचारियों का कहना है कि वे सब अभी ठेकेदार कंपनी पन्नाधाय के अंतर्गत काम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी सैलरी आदि पन्नाधाय द्वारा दी जानी होती है। मगर इस ठेकेदार कंपनी ने पिछले चार माह से सैलरी नहीं दी है। इसके अतिरिक्त इन कर्मचारियों का पीएफ भी आठ माह से नहीं काटा गया है।
-प्रिंसिपल के नोटिस भी बेअसर: पन्नाधाय उदयपुर मूल की एक ठेकेदार कंपनी है। कुछ समय पहले सिक्योरिटी व मैन पावर के कुल 27 करोड़ के ठेके पन्नाधाय को दे दिए गए। तब से ही बवंडर मचा हुआ है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि सैलरी को लेकर शिकायतें लगातार मिल रही है। विभिन्न केंद्रों पर लगे कर्मचारी लगातार शिकायत कर रहे हैं। वे कंपनी को अब तक तीन नोटिस जारी कर चुके हैं लेकिन कंपनी ने कोई समाधान किया है। आज सभी पीड़ित कर्मचारियों को व कंपनी के प्रबंधन को बुलाया है। समाधान किया जाएगा।
-एक ही कंपनी को अधिक ठेके बढ़ाते हैं तानाशाही: पिछले पीबीएम अधीक्षक डॉ पीके सैनी के समय से पीबीएम का ढर्रा ही खराब हो चुका है। तब से पीबीएम ने एक ही आदमी को अधिकतर ठेके देने का खेल शुरू कर रखा है। एक ही आदमी के पास अधिकतर ठेके आने से उसकी तानाशाही बढ़ती है। पन्नाधाय से पहले गजेन्द्र एंटरप्राइजेज को इकतरफा बड़े बड़े ठेके दे दिए गए थे। उस दौरान खूब तानाशाही हुई। काम में गड़बड़ियां रहीं। अब यही कहानी पन्नाधाय के साथ शुरू कर दी गई है।
दरअसल, जब तक बड़े ठेकों में एक कंपनी की लिमिट तय नहीं होगी, मेडिकल कॉलेज व पीबीएम से जुड़े पॉइंट्स पर व्यवस्थाएं सुधरेगी नहीं। कर्मचारियों के लिए भी परेशानियां खड़ी ही रहेगी। अब देखना यह है कि इन कर्मचारियों की सैलरी कब मिलती है। देखें वीडियो
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